अखिल गोगोई का बड़ा आरोप: 60 विधानसभा सीटों में मतदाता सूची में हेरफेर की साजिश रच रही है भाजपा
गुवाहाटी I शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई ने 5 जनवरी को असम में भाजपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए विशेष पुनरीक्षण (स्पेशल रिवीजन) के तहत मतदाता सूचियों में हेरफेर की साजिश रची जा रही है।
सोशल मीडिया पर लाइव बातचीत के दौरान रायजोर दल के विधायक गोगोई ने कहा कि 4 जनवरी की रात लगभग 8 बजे उन्होंने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस देखी, जिसमें असम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया, राज्य के मंत्री, विधायक और अन्य पार्टी नेता शामिल थे। उनके अनुसार, बैठक का औपचारिक उद्देश्य 5 जनवरी को प्रस्तावित दीवार लेखन अभियान की तैयारी बताया गया था, लेकिन चर्चा का असली केंद्र मतदाता सूची रहा।
गोगोई ने कहा, “मैंने जो सुना, उससे मैं स्तब्ध रह गया। उस वीडियो कॉन्फ्रेंस को सुनने के बाद पूरी रात मुझे नींद नहीं आई। मैंने ये बातें अपने कानों से सुनी हैं।”
अखिल गोगोई का आरोप है कि बैठक के दौरान दिलीप सैकिया ने मंत्री अशोक सिंघल को 60 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में ‘सुधार’ की जिम्मेदारी सौंपी, जिसका उद्देश्य योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटाना था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उसी वीडियो कॉन्फ्रेंस में दिलीप सैकिया ने भाजपा विधायकों, जिला अध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे 12 जनवरी तक बूथवार उन मतदाताओं की सूची सौंपें, जो भाजपा को वोट नहीं देते हैं, ताकि उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें। गोगोई के अनुसार, सैकिया ने स्पष्ट रूप से कहा कि इन 60 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी अशोक सिंघल को मतदाता सूची ‘ठीक’ करने के लिए दी गई है।
भाजपा पर “अपनी सुविधा के अनुसार असम की मतदाता सूची तैयार करने” का आरोप लगाते हुए अखिल गोगोई ने कहा कि इस तरह के कथित निर्देश लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता पर सीधा हमला हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके आरोप गलत हैं, तो 4 जनवरी की उस वीडियो कॉन्फ्रेंस की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की जाए।
अपनी चुनौती को और आगे बढ़ाते हुए गोगोई ने कहा कि यदि उनके आरोप झूठे साबित होते हैं, तो वे नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराने के लिए भी तैयार हैं। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “अगर मैं गलत हूं तो यह साबित किया जाए, लेकिन अगर यह सच है, तो यह असम के लोगों और उनके मतदान के अधिकार के खिलाफ एक बेहद गंभीर साजिश है।”
इस मामले में भाजपा नेतृत्व की ओर से अब तक वीडियो कॉन्फ्रेंस और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


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