अभामामस असम प्रांत के 11वें द्विवार्षिक अधिवेशन में शालिनी बगड़िया निर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष
थर्ड आई न्यूज़
देरगांव। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन (अभामामस), असम प्रांत का 11वां द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन चुकाफा समन्वय क्षेत्र, मोहबंधा, देरगांव में सम्पन्न हुआ। अधिवेशन की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष शीतल सोमानी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गीत और नृत्य से हुआ, इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन कर अतिथियों का परिचय एवं सम्मान किया गया। अधिवेशन में काजीरंगा लोकसभा के सांसद कामाख्या प्रसाद तासा मुख्य अतिथि तथा प्रदेश भाजपा की सचिव विस्मीता गोगोई और अभामामस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजू सरावगी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। मंच से सम्मेलन द्वारा किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
अधिवेशन में सर्वसम्मति से आगामी सत्र 2026–28 के लिए नगांव की शालिनी बगड़िया को असम प्रांत की प्रांतीय अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। नव-निर्वाचित अध्यक्ष शालिनी बगड़िया ने सभा को संबोधित करते हुए सभी के सहयोग से संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। उनका कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से आरंभ होगा।
शालिनी बगड़िया का जन्म 8 फरवरी 1979 को असम के बोकाखात में हुआ। वे स्वर्गीय रामअवतार निमोदिया और सरोज देवी निमोदिया की ज्येष्ठ संतान हैं। शैक्षणिक उपलब्धियों में उन्होंने मैट्रिक परीक्षा में असम में 18वां स्थान, गुवाहाटी के कॉटन कॉलेज से विज्ञान में 12वीं में राज्य में तृतीय स्थान, बीएससी (फिजिक्स) में फर्स्ट क्लास फर्स्ट तथा एमएससी की पढ़ाई के दौरान विवाह किया। विवाह के पश्चात भी उन्होंने अध्ययन जारी रखते हुए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति से हिंदी में डबल एमए, NERIM से बीएड तथा IGNOU से Menstrual Hygiene and Environmental Application एवं Sustainable Energy Application में डिप्लोमा प्राप्त किया।
सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही है। वे 2006 से अभामामस नगांव शाखा की सक्रिय सदस्य हैं। 2016–2020 तक शाखा सचिव, 2020–2022 तक शाखा अध्यक्ष रहीं तथा 2022–2024 के दौरान असम प्रांत की प्रांतीय पर्यावरण प्रमुख के रूप में कार्य किया। पर्यावरण प्रकल्प प्रमुख रहते हुए उन्हें पूरे असम में ई-वेस्ट कलेक्शन के लिए राष्ट्रीय अधिवेशन में् में सर्वश्रेष्ठ प्रकल्प प्रमुख का सम्मान प्राप्त हुआ।
उनके प्रमुख कार्यों में नगांव में सोलर लाइट्स की स्थापना, महिलाओं को सस्टेनेबल मेंस्ट्रुअल हाइजीन के प्रति जागरूक करना, ब्यूटीशियन और सिलाई कोर्स के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना शामिल है। अब तक लगभग 8,000 क्लॉथ पैड सिलवाकर वितरित किए जा चुके हैं। टेट्रा पैक और प्लास्टिक रिसाइक्लिंग के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर कार्य करते हुए लगभग 15,000 टेट्रा पैक रिसाइक्लिंग हेतु भेजे हैं। वे रक्तदान के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं और 53 बार रक्तदान कर चुकी हैं।
इसके अतिरिक्त वे गूंज फाउंडेशन, माटी फाउंडेशन, दीपशिखा फाउंडेशन, बुक इंडिया फाउंडेशन, ग्रीन द रेड फाउंडेशन, आरयूआर ग्रीन लाइफ फाउंडेशन, अक्षय पात्र फाउंडेशन, लायंस क्लब ऑफ नगांव सिटी, अग्रवाल सम्मेलन और री-चरखा सहित अनेक सामाजिक संगठनों से जुड़ी हैं। माजुली द्वीप में पुस्तकालय स्थापना, बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में क्लॉथ पैड बैंक खोलना तथा असम सरकार के साथ मिलकर फ्लड रिलीफ कैंपों में सेनेटरी पैड, क्लॉथ पैड और मेंस्ट्रुअल कप उपलब्ध कराने में भी उनका सक्रिय योगदान रहा है।
अधिवेशन का समापन संगठनात्मक एकजुटता और सेवा संकल्प के संदेश के साथ हुआ।


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