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नगांव में 113वां भोगाली बिहू उत्सव धूमधाम से जारी, मंत्री पीयूष हाजरिका ने सांस्कृतिक शोभायात्रा का किया उद्घाटन

थर्ड आई न्यूज

नगांव से जयप्रकाश सिंह

नगांव शहर के हृदयस्थल में बहने वाली कलंग नदी के तट पर स्थित नेहरूबाली क्षेत्र में भोगाली बिहू के अवसर पर उल्लास, उमंग और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर वातावरण देखने को मिला। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर भोगाली बिहू का आनंद उठाया। स्वयं सहायता समूहों की बिक्री प्रदर्शनी, असमिया ग्रामीण जीवन की जीवंत झलकियां तथा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।

सदौ नगांव भोगाली बिहू उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित 113वें भोगाली बिहू उत्सव के तीसरे दिन की शुरुआत भव्य और रंगारंग सांस्कृतिक शोभायात्रा से हुई। सुबह इस शोभायात्रा का उद्घाटन जल संसाधन मंत्री पीयूष हाजरिका ने किया। अपने संबोधन में मंत्री हाजरिका ने नगांव के ऐतिहासिक भोगाली बिहू की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि नेहरूबाली का भोगाली बिहू अपनी विशिष्ट पहचान के लिए पूरे असम में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि भोगाली बिहू सामाजिक समरसता और एकता का संदेश देता है तथा माघ की मेजी की गर्माहट सभी प्रकार के द्वेष और वैमनस्य को दूर कर सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने नगांव को अपना प्रिय शहर बताते हुए 113वें भोगाली बिहू उत्सव में भाग लेने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

सांस्कृतिक शोभायात्रा में असम के लोकप्रिय कलाकार राजेश भूइयां, देवजीत मजूमदार, लोकप्रिय अभिनेत्री यशस्वी भूइयां, बिहू उत्सव समिति के अध्यक्ष रंजीत कुमार तामुली फुकन, कार्यकारी अध्यक्ष एवं नगांव विधायक रूपक शर्मा, सचिव जयंत कुमार बोरा, रंजीत बोरा सहित समिति के सदस्यगण तथा समाजसेवी विनोद खेतावत आदि ने सहभागिता की। विभिन्न जाति-जनजातियों की कला एवं संस्कृति से सजी इस शोभायात्रा ने पूरे नगांव शहर को उत्सवमय और मनमोहक वातावरण से भर दिया।

शोभायात्रा के उपरांत अमृतकंठ जुबिन गर्ग के गीतों पर आधारित तीन वर्गों में गायन प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं दोपहर में दो वर्गों में चित्रांकन प्रतियोगिता संपन्न हुई। संध्या सत्र में जुबिन गर्ग के प्रसिद्ध गीत ‘मायाबिनी रातिर बुकुत’ पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें कलाकार कुमार धीरज, बरन विकास और मनमिता भरद्वाज ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

इससे पूर्व 13 जनवरी को स्वयं सहायता समूहों की बिक्री प्रदर्शनी का उद्घाटन विधायक रूपक शर्मा ने कर सदौ नगांव भोगाली बिहू उत्सव का शुभारंभ किया। संध्या में भेलाघर में नाम-कीर्तन का आयोजन हुआ। अगले दिन सुबह नगांव स्थित राज्य बाल एवं नारी गृह के निवासियों के बीच बिहू का जलपान वितरित किया गया। सुबह दस बजे बिहू ध्वज का उत्तोलन उत्सव समिति के अध्यक्ष रंजीत कुमार तामुली फुकन ने किया। इसी अवसर पर बिहू उत्सव की स्मारिका ‘भोगाली’ का विमोचन कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक रूपक शर्मा द्वारा किया गया।

अपने संबोधन में रूपक शर्मा ने नगांव के भोगाली बिहू के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेहरूबाली का भोगाली बिहू संभवतः असम का पहला मंचीय बिहू उत्सव है। उन्होंने नगांव को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। स्मृति तर्पण कार्यक्रम का उद्घाटन जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा ने किया, जबकि मेजी प्रज्वलन विधायक रूपक शर्मा द्वारा किया गया। इसके पश्चात प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ।

दोपहर 11 बजे आयोजित सम्मान समारोह में वरिष्ठ समाजसेवियों एवं नागरिकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में प्रेम नाहटा, शंकरलाल वर्मा, विजय कुमार लोहिया, उत्तम चंद नाहटा, रघुवीर प्रसाद, जीवनमल सुराणा, सुरेश जैन, संजय नाहटा, ओम प्रकाश जाजोदिया, सीताराम अग्रवाल, राधेश्याम लोहिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। इसके बाद सामूहिक जलपान का आयोजन किया गया।

दोपहर बाद बच्चों के खेल-कूद तथा हेमा दास स्मृति मुक्त क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। संध्या सत्र में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकार कमलिका कश्यप और पवनजीत सिंह ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रमों का संचालन पत्रकार प्रांजल बरदलै ने किया।

उल्लेखनीय है कि 113वां भोगाली बिहू उत्सव 18 जनवरी की रात भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न होगा।

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