कलियाबर में प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक जनसभा, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला
थर्ड आई न्यूज
नगांव से जयप्रकाश सिंह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कलियाबर के मौचंदा मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कलियाबर से नुमलीगढ़ तक काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में प्रस्तावित 34.45 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखी, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 7,000 करोड़ रुपये है। साथ ही, उन्होंने दो रेल सेवाओं का वर्चुअल शुभारंभ भी किया।
सुबह लगभग 11 बजे प्रधानमंत्री के कलियाबर पहुंचने पर असम की विभिन्न जातीय–जनजातीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उनका भव्य स्वागत किया गया। एलिवेटेड कॉरिडोर के मॉडल का अवलोकन करने के पश्चात जनसभा स्थल पर डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इतनी दूर से आकर उन्हें आशीर्वाद देने के लिए वे जनता के आभारी हैं। उन्होंने काजीरंगा में दो वर्ष पूर्व बिताए समय को अपने जीवन के विशेष क्षणों में से एक बताते हुए वहां की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता की सराहना की। हाल ही में गुवाहाटी में आयोजित बागुरुम्बा नृत्य महोत्सव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 10 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता ने एक नया रिकॉर्ड बनाया और ढोल व सिफुंग की धुनों ने पूरे देश को आकर्षित किया। इस प्रस्तुति को सोशल मीडिया पर लोकप्रिय बनाने वाले सभी लोगों को उन्होंने बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने कलियाबर को काजीरंगा का प्रवेश द्वार और ऊपरी असम का महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि इसी क्षेत्र से महान योद्धा लाचित बोरफुकन ने मुगलों को पराजित करने की रणनीति बनाई थी, जो असम के स्वाभिमान और आत्मविश्वास का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के नेतृत्व में यह क्षेत्र अब कनेक्टिविटी और विकास का नया केंद्र बन रहा है।
काजीरंगा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल एक राष्ट्रीय उद्यान नहीं, बल्कि असम की आत्मा और भारत की जैव विविधता का अनमोल रत्न है, जिसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। हर वर्ष ब्रह्मपुत्र की बाढ़ के दौरान वन्यजीवों को होने वाली कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर से जानवरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि एक समय काजीरंगा में गैंडे के शिकार की घटनाएं चिंता का विषय थीं, लेकिन सरकार के ठोस प्रयासों से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और वर्ष 2025 में एक भी गैंडे के शिकार की घटना दर्ज नहीं हुई। इसके लिए उन्होंने सरकार और जनता दोनों को बधाई दी। साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत करोड़ों पौधे लगाए जाने का उल्लेख किया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि 34 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर और 7,000 करोड़ रुपये की परियोजना की कल्पना पहले असंभव प्रतीत होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में असम में आत्मविश्वास बढ़ा है और सेमीकंडक्टर परियोजना, बांस से तेल उत्पादन, बड़े उर्वरक संयंत्र, नए पुल, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं संभव हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस एलिवेटेड कॉरिडोर से जोरहाट–गुवाहाटी और गोलाघाट–गुवाहाटी के बीच यात्रा समय लगभग एक घंटे कम हो जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को असम के विकास के लिए निरंतर सहयोग देने हेतु आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री पवित्रा मार्घेरिटा, मंत्री अतुल बोरा, केशव महंत, चरण बोड़ो, कृष्णेंदु पाल, सांसद कामाख्या प्रसाद तासा, असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया सहित कई मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित रहे।


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