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असम: कोकराझार में युवक की निर्मम हत्या से उबाल, आगजनी और हिंसक प्रदर्शन; 29 लोग हिरासत में

थर्ड आई न्यूज

कोकराझार । पश्चिमी असम के कोकराझार जिले में एक युवक की निर्मम हत्या के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस घटना के विरोध में व्यापक प्रदर्शन, आगजनी और हिंसा देखने को मिली, जिससे प्रमुख परिवहन मार्गों पर जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन ने भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए हैं। हिंसा से जुड़े घटनाक्रम में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।

मृतकों की पहचान सुनील मुर्मू और सिखना ज्व्ह्व्लाओ बिस्मित के रूप में हुई है। बताया गया है कि सिखना ज्व्ह्व्लाओ की पहले एक हिंसक झड़प में निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद भड़के विरोध-प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सुनील मुर्मू की भी बाद में मौत हो गई।

जनाक्रोश करिगांव क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग तक फैल गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात ठप हो गया और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। हालात बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बिरसा कमांडो फोर्स के दो अस्थायी शिविरों में आग लगा दी तथा सिदु-कान्हू भवन सहित कई संपत्तियों में तोड़फोड़ की। कई दुकानों को भी आग के हवाले किए जाने की खबर है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और हिंसा को फैलने से रोकने के प्रयास जारी हैं।

यह हिंसा सोमवार, 19 जनवरी को गौर नगर में हुई एक घटना से भड़की, जो कारीगांव पुलिस चौकी से मात्र 1 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप ले बैठा और उग्र भीड़ ने सिखना ज्व्ह्व्लाओ बिस्मित की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

मृतक सिखना ज्व्ह्व्लाओ, क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार बरोंडा बसुमतारी के दामाद थे। इस घटना से स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा त्वरित न्याय की मांग तेज हो गई है।

हिंसा के दौरान युगिराज ब्रह्मा और प्रभात ब्रह्मा सहित कई लोग घायल हुए हैं। घटनास्थल पर एक स्कॉर्पियो वाहन को भी आग के हवाले कर दिया गया।

इस बीच ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो मंगलवार को बीटीसी बंद लागू किया जाएगा। संगठन ने कहा है कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस ने पुष्टि की है कि अब तक हत्या और उसके बाद हुई हिंसा के सिलसिले में 29 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच जारी है और प्रशासन किसी भी नई हिंसक घटना को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर है।

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