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श्री गीता गौशाला में 77वां गणतंत्र दिवस: गोसेवा, योग और पंचगव्य के संदेश के साथ अनुपम उत्सव

थर्ड आई न्यूज़

जोरहाट । श्री गीता गौशाला के शांत, पावन और आध्यात्मिक वातावरण में 77वें गणतंत्र दिवस का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। इस अवसर पर गोसेवा, पंचगव्य आयुर्वेद और योग चिकित्सा के माध्यम से भारतीय परंपरा, स्वास्थ्य और राष्ट्रभाव का सुंदर संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कल्याण (मुंबई) स्थित दीर्घायु ट्रीटमेंट सेंटर की वैद्य ममता अमित मिश्रा रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में आईआईटी गुवाहाटी (असम) के भारतीय ज्ञान प्रणाली विभाग से प्रोफेसर डॉ. अमित संतोष मिश्रा उपस्थित रहे। आयोजन की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके पश्चात उपस्थित गणमान्यजनों ने अपने विचार व्यक्त किए।

मुख्य अतिथि वैद्य ममता अमित मिश्रा ने बच्चों से संवाद करते हुए संविधान के मूल्यों तथा तिरंगे के रंगों के महत्व को सरल शब्दों में समझाया। मातृ शक्ति द्वारा ध्वज गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। इसके बाद बच्चों ने “भारत माता की जय” और “गोमाता की जय” के उद्घोष के साथ गौशाला की परिक्रमा की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत और मुख्य अतिथि के प्रेरक संबोधन के साथ हुआ।

अपने संबोधन में प्रोफेसर डॉ. अमित संतोष मिश्रा ने योग को जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने पर बल देते हुए कहा कि आज के समय में मानसिक स्वास्थ्य सबसे बड़ी आवश्यकता है। योग न केवल तनाव मुक्ति और एकाग्रता बढ़ाता है, बल्कि हृदय रोग, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि गौशाला जैसे शांत वातावरण में योग अपनाकर राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है।

मुख्य अतिथि वैद्य ममता अमित मिश्रा ने स्वदेशी गाय के ए-2 दूध और घी के नियमित सेवन की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। उन्होंने गौमूत्र, गोबर, दूध, घी और दही से बने पंचगव्य उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया, जिससे गौशालाएं आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि पंचगव्य को दैनिक जीवन में अपनाने से न केवल स्वास्थ्य सुधरेगा, बल्कि गोसेवा को भी मजबूती मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि श्री गीता गौशाला की स्थापना वर्ष 2015 में हनुमान प्रसाद बहेती द्वारा 98 उद्धारित गायों के साथ की गई थी। आज यह गौशाला 1,600 से अधिक गायों की सेवा कर रही है, जहाँ 10 शेड, चिकित्सालय, थैरेपी रूम और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। गौशाला की इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे रेखा बहेती और हनुमान बहेती की निष्ठा के साथ-साथ मातृ शक्ति, प्रगति मंच और मारवाड़ी युवा मंच जैसे सामाजिक संगठनों का सक्रिय सहयोग रहा है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने स्वस्थ जीवन के लिए पंचगव्य आयुर्वेद और योग को अपनाने, तथा अधिकारों के साथ राष्ट्र और गोमाता के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प लिया।

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