नगांव के प्रतिष्ठित शिक्षक उमाशंकर चौहान का निधन, शिक्षा जगत में शोक
थर्ड आई न्यूज
नगांव से जयप्रकाश सिंह
शहर के मोरीकलंग बांसवाड़ी निवासी एवं प्रतिष्ठित शिक्षक उमाशंकर चौहान के असामयिक निधन से समूचे हिंदीभाषी समाज एवं शिक्षा जगत में शोक की लहर फैल गई है। उनका निधन आज उनके निवास स्थान पर हुआ। वे 7 नवंबर 1966 को जन्मे थे और उन्होंने बी.ए. तक शिक्षा प्राप्त की थी।
उमाशंकर चौहान ने 31 जनवरी 1993 को हिन्दुस्तानी हिन्दी एम ई स्कूल में सहायक शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं प्रारंभ कीं। अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी के बल पर उन्होंने विद्यालय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में वे विद्यालय में कार्यवाहक प्रधानाध्यापक (एच.एम. आई/सी) के रूप में भी दायित्व निभा रहे थे।
वे अपने पीछे पत्नी और तीन पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र के साथ-साथ वे सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे। वे बांसवाड़ी शिव मंदिर समिति, मोरीकलंग हिंदुस्तानी पूजा समिति तथा नगांव नगर भोजपुरी परिषद के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके थे। समाज में उनकी छवि एक सरल, सहयोगी और समर्पित व्यक्तित्व की रही है।
समाज और शिक्षा के प्रसार में उनके उल्लेखनीय योगदान को सदैव याद किया जाएगा। उनके निधन पर विभिन्न संगठनों सहित अखिल असम भोजपुरी परिषद, नगांव जिला समिति के महासचिव राम अवतार पासी ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।


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