alt="Header Advertisement" class="header-ad-image">     

नगांव–बटद्रवा में सियासी हलचल तेज: भाजपा–कांग्रेस के टिकट को लेकर बढ़ी सरगर्मियां

थर्ड आई न्यूज

नगांव से जयप्रकाश सिंह

विधानसभा चुनाव की तिथि भले ही घोषित नहीं हुई हो, लेकिन पूरे असम के साथ नगांव जिले में भी चुनावी माहौल गर्माने लगा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के संभावित उम्मीदवार टिकट की दौड़ में सक्रिय हो चुके हैं और शीर्ष नेताओं के संपर्क में रहकर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं।

मध्य असम का महत्वपूर्ण नगांव–बटद्रवा विधानसभा क्षेत्र (Nagaon Batadrava Constituency 2026) इस बार भी खास चर्चा में है। परिसीमन से पहले यह क्षेत्र नगांव सदर विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था। वर्षों से यह सीट कांग्रेस, असम गण परिषद (अगप) और अन्य दलों के लिए प्रतिष्ठा का केंद्र रही है।

इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पूर्व में प्रख्यात साहित्यकार एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष देवकांत बरूआ किया था। इसके अलावा प्रफुल्ल कुमार महंत , गिरींद्र कुमार बरुवा, महेंद्र नाथ हजारिका, फणी बोरा, मतीराम बोरा और मुकुट शर्मा जैसे नेताओं ने भी यहां से जीत दर्ज की है।

2011 में कांग्रेस के डॉ. दुर्लभ चामुवा विजयी हुए थे, जबकि 2016 और 2021 में भाजपा उम्मीदवार रूपक शर्मा ने लगातार जीत हासिल की। वर्तमान में यह सीट भाजपा के कब्जे में है।

भाजपा में टिकट को लेकर मंथन :
2026 के चुनाव में भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। संभावित दावेदारों में दो बार के विधायक रूपक शर्मा, भाजपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य ब्रजेन काकती, पूर्व जिला अध्यक्ष अभिजीत नाथ सहित अन्य नाम शामिल हैं।

रूपक शर्मा के समर्थकों का दावा है कि उनके कार्यकाल में नगांव में कई विकास कार्य हुए—पक्के पुलों का निर्माण, मरिकलंग में श्रद्धांजलि उद्यान की स्थापना, कलंग नदी किनारे वॉकिंग ज़ोन, नगांव कॉलेज का विश्वविद्यालय में उन्नयन, लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग की स्मृति में उद्यान, तथा भूपेन हजारिका कलाक्षेत्र का निर्माण कार्य। हाल ही में सिटी बस सेवा की शुरुआत भी उनकी उपलब्धियों में गिनी जा रही है।

दूसरी ओर, ब्रजेन काकती को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वे 2014 से श्री श्री बटद्रवा थान प्रबंधन समिति के महासचिव रहे हैं। उनके कार्यकाल में 150 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। वे हिंदू युवा छात्र परिषद से भी जुड़े रहे हैं और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।

कांग्रेस में भी कई दावेदार :
कांग्रेस की ओर से एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मृणाल हजारिका का नाम चर्चा में है। वे असम प्रदेश युवा कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव रह चुके हैं तथा क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।

वहीं पूर्व विधायक डॉ. दुर्लभ चामुवा ने भी टिकट के लिए आवेदन किया है। 2021 में टिकट न मिलने के बाद वे कुछ समय सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन अब पुनः दावेदारी पेश की है। कांग्रेस नेतृत्व किसे उम्मीदवार बनाएगा, इस पर अभी संशय बना हुआ है।

1.97 लाख मतदाता करेंगे फैसला :
नगांव–बटद्रवा क्षेत्र में कुल 1,97,284 मतदाता हैं, जिनमें 95,348 पुरुष, 1,01,930 महिला और 6 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। परिसीमन के बाद इस क्षेत्र में 14 पंचायत और 26 वार्ड आते हैं।

पुनर्निर्धारण के बाद यहां हिंदू मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे चुनावी समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।

अब सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि भाजपा और कांग्रेस किसे मैदान में उतारती हैं और मतदाता किस पर भरोसा जताते हैं। इसका जवाब आने वाला समय और चुनाव परिणाम ही देंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *