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जोरहाट में कांग्रेस का तीखा हमला — “डबल इंजन नहीं, डबल लूट और डबल धोखा की सरकार”

थर्ड आई न्यूज़

जोरहाट से नीरज खंडेलवाल

जोरहाट स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए असम की वर्तमान राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए। इस प्रेस वार्ता में राजस्थान की पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की राष्ट्रीय सचिव Divya Maderna तथा AICC की को-ऑर्डिनेटर Harmeet Baveja उपस्थित रहीं।

नेताओं ने कहा कि “सुरक्षित असम” का संकल्प आज खतरे में है और लगभग 3.5 करोड़ जनता की आवाज़ दबाई जा रही है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है, जबकि सरकार इसे नियंत्रित करने के बजाय छिपाने में लगी हुई है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में असम का स्वाभिमान कमजोर हुआ है और सरकार केवल घोषणाओं व जुमलों तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि वास्तविक विकास के बजाय धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे जनता की मूल समस्याएँ पीछे छूट गई हैं।

“सिंडिकेट राज” का आरोप दोहराते हुए नेताओं ने कहा कि कोयला, सुपारी और रेत जैसे क्षेत्रों में अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। उन्होंने NITI Aayog की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि असम का 23वें स्थान पर पहुँचना विकास की वास्तविक तस्वीर को उजागर करता है।

आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था “आईसीयू” में पहुँच चुकी है। कर्ज बढ़कर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये हो गया है और हर नवजात पर औसतन 57,000 रुपये का कर्ज है।

रोजगार के मुद्दे पर नेताओं ने कहा कि राज्य में 21 लाख से अधिक युवा बेरोजगार हैं। युवाओं में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को उन्होंने सामाजिक संकट का संकेत बताया।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में 8,000 से 9,000 सरकारी स्कूल बंद किए जा चुके हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। निजी स्कूलों का बढ़ता वर्चस्व शिक्षा को महंगा बना रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठाते हुए नेताओं ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा कर्मियों की भारी कमी है और मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक बनी हुई है।

चाय बागान मजदूरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि 351 रुपये दैनिक मजदूरी का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है और मजदूरों को केवल लगभग 250 रुपये ही मिल रहे हैं। साथ ही, चाय बागानों में 57% महिलाएँ एनीमिया से पीड़ित हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

प्रधानमंत्री के बार-बार असम दौरे को “फोटो सेशन” करार देते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

बाढ़ की समस्या पर भी सरकार को घेरते हुए उन्होंने 2031 तक असम को बाढ़-मुक्त बनाने के दावे पर सवाल उठाया और कहा कि जनता इतने लंबे समय तक इंतजार नहीं कर सकती।

अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार “डबल इंजन” नहीं, बल्कि “डबल लूट और डबल धोखा” की सरकार बन चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता बदलाव चाहती है और आने वाले समय में असम नई दिशा की ओर अग्रसर होगा।

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