‘तेजस्विता’ का समापन नहीं, महिला सशक्तिकरण के आंदोलन की शुरुआत : कैलाश काबरा
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी, 9 अगस्त। नारी शक्ति, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण का संदेश देते हुए पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन (पुप्रमास) के तत्वावधान में मारवाड़ी सम्मेलन गुवाहाटी महिला शाखा के आतिथ्य तथा मानिकचंद ज्वैलर्स के सहयोग से छत्रीबाड़ी स्थित असम माहेश्वरी भवन में आयोजित दो दिवसीय ‘तेजस्विता’ महिला अधिवेशन का रविवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। अधिवेशन के दूसरे दिन महिला जागरूकता, नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
समापन समारोह में असम की सांस्कृतिक विरासत की मनोहारी झलक भी देखने को मिली। अधिवेशन में शामिल महिलाएं पारंपरिक मेखला-चादर में नजर आईं और पूरा परिसर असमिया संस्कृति के रंग में रंग गया।
समापन समारोह में पूर्व सांसद क्वीन ओझा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष जूरी शर्मा बोरदोलोई एवं सीए रागिनी गोयल विशिष्ट अतिथि थीं। कार्यक्रम में प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा, मंडलीय उपाध्यक्ष सुशील गोयल, वयोवृद्ध समाजसेवी शंकरलाल गोयनका, शाखा अध्यक्ष संतोष शर्मा, मंत्री मंजू भंसाली, स्वागत अध्यक्ष सरोज मित्तल और स्वागत मंत्री सरला काबरा सहित विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिला प्रतिनिधि उपस्थित थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ असमिया जातीय संगीत से हुआ।
मारवाड़ी सम्मेलन गुवाहाटी महिला शाखा की अध्यक्ष संतोष शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में ‘तेजस्विता’ महिलाओं की प्रतिभा, शक्ति और आत्मविश्वास को नई पहचान देने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। मारवाड़ी सम्मेलन के 91 वर्ष के इतिहास में गुवाहाटी महिला शाखा ने ‘तेजस्विता’ की जो नींव रखी है, वह आने वाले समय में वटवृक्ष का रूप लेकर समाज की महिलाओं को नई दिशा और प्रेरणा देगी।
प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा ने कहा, “‘तेजस्विता’ का आज समापन नहीं हुआ है, बल्कि मारवाड़ी सम्मेलन में एक आंदोलन की शुरुआत हुई है।” उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की ज्योति को निरंतर प्रज्वलित रखते हुए समाज की अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि क्वीन ओझा ने नारी शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा, “मैं कनकलता कहूं या झांसी की रानी—नारी शक्ति और साहस की पहचान हर रूप में हमारे सामने है।” उन्होंने कहा कि अधिवेशन का वातावरण देखकर ऐसा लग रहा है, मानो पूरा परिसर ‘मिनी असम’ बन गया हो।
ओझा ने असम के सामाजिक जीवन में मारवाड़ी समाज की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के सुख-दुख में मारवाड़ी समाज हमेशा मजबूती से खड़ा रहा है। बाढ़ जैसी आपदाओं के समय भी समाज सेवा और राहत कार्यों में इस समाज की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि आज असम में रह रहा मारवाड़ी समाज शत-प्रतिशत असमिया हो चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम पहले भारतीय हैं, फिर असमिया हैं। राजनीति बाद में और समाज सेवा पहले होनी चाहिए।”
भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष जूरी शर्मा बोरदोलोई ने कहा, “हर मारवाड़ी इंडिजिनियस असमिया है। असम के विकास और सामाजिक जीवन में मारवाड़ी समाज का योगदान किसी भी दृष्टि से कम नहीं है।” उन्होंने कहा कि असम की संस्कृति और समाज के साथ मारवाड़ी समुदाय का जुड़ाव लंबे समय से रहा है और इस योगदान को गर्व के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
सीए रागिनी गोयल ने महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को अपनी प्रतिभा और कौशल की पहचान कर उसे अपनी ताकत बनाना चाहिए।
मंडलीय उपाध्यक्ष सुशील गोयल ने ‘तेजस्विता’ के सफल आयोजन के लिए गुवाहाटी महिला शाखा को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि शाखा के पदाधिकारियों और सदस्यों के अथक प्रयास, समर्पण और टीम भावना के कारण यह अधिवेशन एक सफल एवं प्रभावशाली आयोजन के रूप में सामने आया।
इस दौरान शिलांग से आई पुष्पा बजाज ने मासिक धर्म के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले रीयूजेबल नैपकिन पैड घर पर तैयार करने की जानकारी दी। उन्होंने इसके उपयोग और महत्व के बारे में भी महिला प्रतिनिधियों को बताया।
इससे पूर्व शनिवार शाम महिला कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्थानीय महिला कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नारी शक्ति, संवेदना और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्ति दी। इसी अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर अलग पहचान बनाने वाली 13 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
सम्मानित महिलाओं में उर्मिला दिनोदिया (लखीमपुर), बिनीता चौधरी गाडोदिया, पायल अग्रवाल (शिवसागर), सुंदरी देवी पटवा (सिलचर), प्रेम जसरासरिया (शिलांग), मंजू दूगड़ (बोंगाईगांव), पुष्पा देवी अग्रवाल (तिनसुकिया), संतोष शर्मा (बिजनी), मधु तातेड़ (शीलापाथर), ऋतु लोहिया (डिब्रूगढ़), प्रमिला देवी भीमसरिया (होजाई), नीतू पोद्दार (नगांव) तथा सीता हरलालका (बरपेटा) शामिल रहीं। उनके सामाजिक योगदान और अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की गई।
रविवार सुबह महिला प्रतिनिधियों के लिए विशेष योग शिविर आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर में योग के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व पर जोर दिया गया।
दो दिवसीय अधिवेशन में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों के माध्यम से महिलाओं को अपने कौशल, क्षमता और नेतृत्व गुणों को विकसित करने तथा सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वागत मंत्री सरला काबरा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ‘तेजस्विता’ को सफल बनाने में पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों, गुवाहाटी स्थित सम्मेलन की सभी शाखाओं और पूर्वोत्तर की विभिन्न शाखाओं का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। उन्होंने आयोजन में प्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले पदाधिकारियों, अतिथियों, सहयोगियों और प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
शाखा अध्यक्ष संतोष शर्मा ने आयोजन की सफलता के लिए गुवाहाटी महिला शाखा की सलाहकारों, कार्यकारिणी सदस्यों और साधारण सदस्याओं का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास और समर्पण से ‘तेजस्विता’ अपने उद्देश्य को सार्थक करने में सफल रहा। असमिया पारंपरिक परिधानों में सजी महिला प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने समापन समारोह को असम की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए विशेष और यादगार बना दिया।

