दुर्गा विसर्जन पर भीमाशंकर सेवा समिति का विशाल भंडारा, हजारों लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद, लाचित घाट पर सुबह से देर रात तक चला सेवा शिविर, श्रद्धालुओं के साथ सुरक्षाकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सफाईकर्मियों को कराया भोजन

थर्ड आई न्यूज़

गुवाहाटी, 21 अक्टूबर। दुर्गा पूजा के समापन पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के अवसर पर श्री श्री भीमाशंकर सेवा समिति की ओर से बुधवार को फैंसी बाजार स्थित लाचित घाट पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी समिति ने सेवा की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विसर्जन में शामिल हजारों श्रद्धालुओं के साथ सुरक्षा व्यवस्था और अन्य सेवाओं में जुटे लोगों के लिए भोजन एवं जलपान की व्यवस्था की। समिति के वरिष्ठ सदस्य महेंद्र मित्तल के मार्गदर्शन में आयोजित यह सेवा शिविर सुबह से देर रात तक चलता रहा।

भंडारे का शुभारंभ मां दुर्गा को हलवे का भोग अर्पित कर किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं एवं सेवाकर्मियों के बीच हलवा, चना, पूरी-सब्जी, जलेबी, चावल-दाल सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों का वितरण किया गया। इसके अलावा चिप्स, चाय और पेयजल की भी व्यवस्था की गई थी।

भंडारे की विशेषता यह रही कि विसर्जन के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं जवानों, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), नागरिक सुरक्षा दल, अग्निशमन विभाग, चिकित्सा दल और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ पत्रकारों तथा विसर्जन कार्य में जुटे श्रमिकों ने भी भोजन ग्रहण किया। दिनभर चले इस सेवा कार्य से हजारों लोग लाभान्वित हुए। श्रद्धालुओं और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने समिति की इस पहल की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि दुर्गा विसर्जन के दौरान लाचित घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था में तैनात कर्मचारी मौजूद रहते हैं। ऐसे में श्री श्री भीमाशंकर सेवा समिति की ओर से प्रतिवर्ष आयोजित भंडारा विसर्जन में शामिल लोगों के लिए विशेष सुविधा प्रदान करता है। समिति के सदस्य पूरे दिन भोजन वितरण और अन्य व्यवस्थाओं में जुटे रहे।

सेवा शिविर को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष रोहतास अग्रवाल, सचिव संदीप डोकानिया, कोषाध्यक्ष पवन अग्रवाल, जुगल शर्मा, प्रदीप भुवालका और संजय गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। समिति की इस पहल के माध्यम से दुर्गोत्सव के समापन पर सेवा, सहयोग और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *