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US: ‘ट्रंप ने भारत पर बेवजह साधा निशाना, चीन ने रूस से ज्यादा तेल खरीदा’, डेमोक्रेट्स ने टैरिफ को बताया मनमाना

थर्ड आई न्यूज

वॉशिंगटन I अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति में शामिल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की है कि उन्होंने रूस से तेल खरीदने के मामले में केवल भारत पर टैरिफ लगाए हैं, जबकि चीन और अन्य देशों को छूट दी गई है, जो ज्यादा मात्रा में तेल खरीद रहे हैं।

‘टैरिफ से कमजोर हो रहे अमेरिका-भारत संबंध’ :
समिति ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ट्रंप का केवल टैरिफ से केवल भारत को निशाना बनाना अमेरिकियों को नुकसान पहुंचा रहा है और अमेरिका-भारत संबंधों को कमजोर कर रहा है। समिति ने ट्रंप प्रशासन के इरादे पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है, जैसे इस मुद्दे के यूक्रेन से कोई लेना-देना नहीं है।

‘चीन को नहीं मिली ऐसी कोई सजा’ :
एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए समिति ने कहा, अगर ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल खरीदने वाले किसी भी देश के खिलाफ सेकंडरी टैरिफ लागू करने की बात की होती तो बात अलग होती। लेकिन केवल भारत को निशाना बनाने से सबसे उलझन वाली नीति सामने आई है। चीन रूस का सबसे बड़ा तेल आयातक है और अभी भी रियायती दामों पर तेल खरीद रहा है और उसे अभी तक ऐसी कोई सजा नहीं मिली है।

भारत पर लागू हुए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ :
समिति की ओर से एक्स पर बुधवार को यह पोस्ट साझा की है। उसी दिन अमेरिका की ओर से भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लागू हुए हैं। इससे पहले अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग (सीबीपी) की ओर से मसौदा नोटिस जारी किया गया था, जिसमें बताया गया था कि यह आदेश 27 अगस्त से लागू होगा। सीबीपी अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग के तहत काम करने वाली एजेंसी है।

नोटिस के मुताबिक, ये अतिरिक्त टैरिफ राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश 14329 के तहत लगाए जा रहे हैं, जो छह अगस्त 2025 को जारी किया गया था और इसका शीर्षक ‘रूसी संघ की ओर से अमेरिका को खतरों का सामना’ है।

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