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प्रोटोकॉल तोड़ PM मोदी को छोड़ने एयरपोर्ट पहुंचे जॉर्डन क्राउन प्रिंस, युवराज के साथ दिखी अलग ही कैमेस्ट्री

थर्ड आई न्यूज

नई दिल्ली I एयरपोर्ट का रनवे पीएम मोदी विमान की ओर आगे बढ़ते हुए पीछे कैमरे में एक खास चेहरा जॉर्डन के क्राउन प्रिंस खुद मौजूद। कुटनीति की दुनिया में कुछ तस्वीरें इतिहास बन जाती हैं और कुछ तस्वीरें दुनिया को संदेश देती हैं। आमतौर पर किसी देश का क्राउन प्रिंस या शाही वारिस किसी विदेशी नेता को एयरपोर्ट तक छोड़ने नहीं जाता है। लेकिन जॉर्डन में भारत के लिए नियम बदल गए हैं। प्रोटोकॉल तोड़ा गया है और वजह सिर्फ एक हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। अब प्रोटोकॉल क्या कहता है यह जान लीजिए। दरअसल कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत एयरपोर्ट पर विदाई आमतौर पर विदेश मंत्री या फिर वरिष्ठ अधिकारी करते हैं। शाही परिवार के सदस्य तभी आते हैं जब संदेश देना हो आप हमारे लिए साधारण नहीं हैं।

जॉर्डन के क्राउन प्रिंस सिर्फ शाही वारिस नहीं बल्कि देश की भविष्य की सत्ता, नीति और दिशा है। ऐसे नेता का खुद एयरपोर्ट आना यह बताता है कि भारत जॉर्डन रिश्ते अब सामान्य स्तर से बहुत ऊपर जा चुके हैं। यह पहली बार नहीं है जब अरब दुनिया ने पीएम मोदी को असाधारण सम्मान दिया हो। यूएई से लेकर सऊदी अरब तक पीएम मोदी को स्टेट लीडर नहीं विश्वसनीय मित्र मानता है। इससे पहले भारत और जॉर्डन के संबंधों में गर्मजोशी को दर्शाते हुए अरब देश के युवराज अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्वयं वाहन चलाकर जॉर्डन संग्रहालय लेकर गए। युवराज पैगंबर मोहम्मद की 42वीं पीढ़ी के सीधे वंशज हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा कि वह संग्रहालय में जॉर्डन के इतिहास और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को दिखाने के लिए अल-हुसैन के प्रति ‘आभारी’ हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने युवराज के साथ ‘विस्तृत बातचीत’ की है तथा ‘जॉर्डन की प्रगति के प्रति उनका जुनून स्पष्ट रूप से नजर आया।

मोदी ने कहा कि युवा विकास, खेल, अंतरिक्ष, नवाचार और दिव्यांगजनों के कल्याण को बढ़ावा देने जैसे क्षेत्रों में उनका योगदान वास्तव में उल्लेखनीय है। उन्होंने अल-हुसैन को जॉर्डन के विकास पथ को मजबूत करने के उनके प्रयासों में सफलता की शुभकामनाएं दीं। मोदी जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचे थे। जॉर्डन प्रधानमंत्री की तीन देशों की चार दिवसीय यात्रा का पहला पड़ाव है। इस यात्रा के दौरान वह इथियोपिया और ओमान भी जाएंगे। अम्मान के रस अल-ऐन जिले में स्थित जॉर्डन संग्रहालय देश का सबसे बड़ा संग्रहालय है। इसमें जॉर्डन की कुछ सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक और ऐतिहासिक धरोहरों का प्रदर्शन किया गया है। वर्ष 2014 में निर्मित यह संग्रहालय प्रागैतिहासिक काल से लेकर वर्तमान समय तक क्षेत्र की सभ्यतागत यात्रा को दर्शाता है। संग्रहालय में 15 लाख वर्ष पुरानी जानवरों की हड्डियां और चूना प्लास्टर से बनीं 9,000 वर्ष पुरानी ऐन गजल की मूर्तियां हैं, जिन्हें दुनिया की सबसे प्राचीनमूर्तियों में से एक माना जाता है।

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