ट्रैकर पोल का अनुमान: असम में NDA की लगातार तीसरी जीत, भाजपा को 69–74 सीटें
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी I पीपल्स पल्स रिसर्च ऑर्गनाइजेशन द्वारा कराए गए नवीनतम ट्रैकर पोल के अनुसार, असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की ओर अग्रसर है। सर्वे में 2026 के विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बड़ी जीत का अनुमान लगाया गया है।
15 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच किए गए इस सर्वे के मुताबिक, 126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा 69 से 74 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी और अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा पार करेगी। गठबंधन सहयोगियों के साथ एनडीए की कुल सीटें लगभग 90 के आसपास पहुंचने का अनुमान है।
सर्वे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 25 से 29 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं एनडीए के सहयोगी दलों में असम गण परिषद (AGP) को 8 से 11 सीटें और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) को 8 से 10 सीटें मिलने की संभावना है।
अन्य छोटे दलों का प्रदर्शन कमजोर रहने का अनुमान है। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) को 0 से 2, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) को 0 से 2, राइजर दल को 1 से 2, असम जातीय परिषद को 0 से 1, CPI(M) को 0 से 1 सीट, जबकि निर्दलीय व अन्य को मिलाकर 0 से 1 सीट मिलने का अनुमान है।
मत प्रतिशत के लिहाज से भी एनडीए को स्पष्ट बढ़त बताई गई है। भाजपा को 39 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस को 37 प्रतिशत। अन्य दलों में AGP को 7 प्रतिशत, BPF को 5.5 प्रतिशत, AIUDF को 2.5 प्रतिशत, UPPL को 1.2 प्रतिशत, राइजर दल को 0.9 प्रतिशत, CPI(M) को 0.8 प्रतिशत, असम जातीय परिषद को 0.7 प्रतिशत और अन्य को 5 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है।
सर्वे के अनुसार, कांग्रेस के वोट प्रतिशत में मामूली सुधार का मुख्य कारण AIUDF के मुस्लिम वोट बैंक में आई गिरावट है, खासकर बराक घाटी और निचले असम में।
क्षेत्रवार अनुमान में ऊपरी असम में एनडीए का दबदबा बना रहने की संभावना जताई गई है। मध्य असम में बोडोलैंड प्रादेशिक जिलों में भाजपा–BPF गठबंधन की मजबूत स्थिति बताई गई है। परिसीमन के बाद निचले असम में भी भाजपा–AGP गठबंधन को लाभ मिलने और एनडीए की ओर झुकाव बढ़ने का अनुमान है। बराक घाटी में एनडीए को 8 से 10 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
शासन और नेतृत्व पर जनमत में 48 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने असम के विकास के लिए भाजपा को बेहतर बताया, जबकि 38 प्रतिशत ने कांग्रेस को। सरकार बनने की संभावना पर 55 प्रतिशत ने भाजपा की जीत का अनुमान लगाया, जबकि 40 प्रतिशत ने कांग्रेस का। इसी तरह 55 प्रतिशत लोगों का मानना है कि भाजपा एक और कार्यकाल की हकदार है।
मुख्यमंत्री पद की पसंद में मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा 30 प्रतिशत समर्थन के साथ आगे रहे। उनके बाद पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को 28 प्रतिशत और कांग्रेस सांसद व प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को 27 प्रतिशत समर्थन मिला। अन्य नेताओं—देबब्रत सैकिया, हग्रामा मोहोलारी, अतुल बोरा, दिलीप सैकिया, बदरुद्दीन अजमल और अखिल गोगोई—को एकल अंक में समर्थन मिला, जबकि लगभग 7 प्रतिशत मतदाता अनिर्णीत रहे।
सर्वे में यह भी कहा गया है कि असम की जनसांख्यिकीय विविधता चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभा रही है। हिंदू बंगाली और ओबीसी समुदायों में भाजपा को मजबूत समर्थन मिल रहा है, जबकि मुस्लिम मतदाता AIUDF से दूर होकर कांग्रेस की ओर झुक रहे हैं।
रिपोर्ट में 2023 के परिसीमन, कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित राजनीति और भाजपा के मजबूत संगठनात्मक ढांचे को एनडीए की मजबूती के प्रमुख कारणों के रूप में रेखांकित किया गया है। 2021 से अब तक स्थानीय निकाय चुनाव, उपचुनाव और 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली सफलताओं ने भी एनडीए की स्थिति को और मजबूत किया है।
यह ट्रैकर पोल असम के सभी पांच संभागों और 35 जिलों में 5,000 से अधिक उत्तरदाताओं से आमने-सामने साक्षात्कार के आधार पर किया गया। अध्ययन में जाति, धर्म, आयु और लिंग के संतुलन का ध्यान रखा गया। 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह पहला ट्रैकर पोल है, जबकि दूसरा चरण फरवरी या मार्च 2026 में प्रस्तावित है।


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