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सर्वे में भाजपा की बढ़त के बावजूद सतर्कता जरूरी, असम चुनाव पर अभी जल्दबाज़ी नहीं: हिमंत विश्व शर्मा

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी I असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने हालिया ओपिनियन पोल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लगातार तीसरी जीत का अनुमान लगाए जाने के बावजूद समय से पहले निष्कर्ष निकालने और जश्न मनाने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले अभी तक न तो किसी पार्टी ने उम्मीदवारों की घोषणा की है और न ही सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला हुआ है।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “सर्वे सामने आया है और उसमें हमें अच्छी स्थिति में दिखाया गया है, लेकिन मुझे लगता है कि अभी सर्वे का समय नहीं आया है।” वह पीपल्स पल्स रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन द्वारा किए गए ट्रैकर पोल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें भाजपा को 126 सदस्यीय विधानसभा में 69 से 74 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।

हिमंत विश्व शर्मा ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कई अहम फैसले लंबित हैं। उन्होंने कहा, “सर्वे में असम गण परिषद (एजीपी) को 9 सीटें और हमें 75 सीटें दिखाई गई हैं। अब हम सभी 75 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं हुआ है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी तक तस्वीर और साफ होगी, जब कांग्रेस अपने गठबंधन को अंतिम रूप देगी और एनडीए भी अपने सीट-साझेदारी समझौते को पूरा करेगा। उन्होंने जोड़ा, “जब तक ये सभी बातें स्पष्ट नहीं हो जातीं, तब तक किसी भी सर्वे को देखकर खुश होना ठीक नहीं है। हमें मेहनत करते रहना चाहिए। सर्वे आते रहेंगे, लेकिन असली नतीजा वही होगा जो मशीन से निकलेगा।”

यह सर्वे 15 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच किया गया था, जिसमें एनडीए को कुल मिलाकर लगभग 90 सीटें मिलने का अनुमान है। इसमें एजीपी को 8 से 11 सीटें और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) को 8 से 10 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

वहीं, कांग्रेस को 25 से 29 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि छोटी पार्टियों की स्थिति कमजोर बताई गई है। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) को 0 से 2 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल, रायजोर दल, असम जातीय परिषद और सीपीआई(एम) को भी बहुत सीमित या कोई प्रतिनिधित्व न मिलने का अनुमान है।

मत प्रतिशत के लिहाज से सर्वे में भाजपा को 39 प्रतिशत और कांग्रेस को 37 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। कांग्रेस के वोट शेयर में मामूली बढ़ोतरी का कारण एआईयूडीएफ के मुस्लिम वोट बैंक में आई कमी बताया गया है, खासकर बराक घाटी और निचले असम में।

क्षेत्रवार अनुमान में ऊपरी असम में एनडीए की मजबूत पकड़ बनी रहने की बात कही गई है, जबकि मध्य असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया जिलों में भाजपा–बीपीएफ के दबदबे का अनुमान है। परिसीमन के बाद निचला असम भी एनडीए की ओर झुकता दिख रहा है, जहां भाजपा–एजीपी गठबंधन को फायदा मिलने की संभावना है। बराक घाटी में एनडीए को 8 से 10 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

सर्वे के अनुसार, जनभावना भी सत्तारूढ़ दल के पक्ष में नजर आ रही है। 48 प्रतिशत लोगों ने असम के विकास के लिए भाजपा को बेहतर बताया, जबकि 38 प्रतिशत ने कांग्रेस को। वहीं 55 प्रतिशत लोगों का मानना है कि सरकार गठन में भाजपा की जीत होगी और इतने ही प्रतिशत लोगों ने पार्टी को एक और कार्यकाल दिए जाने का समर्थन किया है।

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