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भारत का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू रहेगा, संविधान में कोई रोक नहीं: मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी I असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने 10 जनवरी को मीडिया से बातचीत के दौरान देश के राजनीतिक नेतृत्व की धार्मिक पहचान को लेकर एक मजबूत बयान दिया। उन्होंने कहा कि संविधान में प्रधानमंत्री बनने को लेकर किसी प्रकार की धार्मिक बाध्यता नहीं है, लेकिन भारत की सभ्यतागत प्रकृति यह सुनिश्चित करती है कि देश का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू ही रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “संविधान में कोई रोक नहीं है। कोई भी व्यक्ति भारत का प्रधानमंत्री बन सकता है।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत मूलतः हिंदू सभ्यता पर आधारित राष्ट्र है और इसी कारण उन्हें पूरा विश्वास है कि देश का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू होगा।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी भारत को एक राजनीतिक इकाई के साथ-साथ एक सभ्यतागत राष्ट्र के रूप में देखने के उनके दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह विचारधारा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं द्वारा समय-समय पर व्यक्त की जाती रही है।

इसी बीच 10 जनवरी को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें 18 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कालीआबोर (असम) दौरे की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न प्रबंधों पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान लगभग 6,957 करोड़ रुपये की लागत वाली काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह महत्वाकांक्षी परियोजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) द्वारा क्रियान्वित की जाएगी। आधारशिला समारोह के बाद परियोजना की प्रमुख विशेषताओं को दर्शाने वाली एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दी जाएगी।

काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना एनएच-37 (नया एनएच-715) के कालीआबोर-नुमालीगढ़ खंड को चार लेन में विकसित करने का हिस्सा है। इसमें लगभग 34.45 किलोमीटर लंबा वन्यजीव-अनुकूल एलिवेटेड कॉरिडोर तथा जखलाबंधा और बोकाखाट में बाईपास शामिल हैं। यह परियोजना न्यायालय के निर्देशों और भारतीय वन्यजीव संस्थान की सिफारिशों के अनुरूप तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य मध्य और ऊपरी असम के बीच संपर्क को बेहतर बनाना और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता की रक्षा करना है। परियोजना की निर्माण अवधि 36 माह निर्धारित की गई है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—डिब्रूगढ़ से गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या से रोहतक—को वर्चुअल माध्यम से रवाना किए जाने का भी कार्यक्रम है।

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