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देबब्रत सैकिया ने नए कांग्रेस नेता के बयान को बताया अनुचित और नुकसानदेह

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी I असम कांग्रेस विधायक दल के नेता देबब्रत सैकिया ने हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट्स यूनियन (AAMSU) अध्यक्ष रेजाउल करीम सरकर के एक बयान को “अनुचित और पार्टी के लिए नुकसानदेह” करार दिया है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस बयान को लेकर उन्होंने गंभीर चिंता जताई है।

देबब्रत सैकिया ने इस संबंध में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई को एक पत्र लिखकर कहा कि सरकर द्वारा “शिवसागर से धुबड़ी , धुबड़ी से शिवसागर, बराक से शिवसागर और तिनसुकिया से धुबड़ी” जैसे बयान ने पूरे राज्य में अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के बयान मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए पार्टी की छवि को नकारात्मक रूप में पेश करने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

सैकिया ने असम के विभिन्न क्षेत्रों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिवसागर, तिनसुकिया, बराक और धुबड़ी—सभी की अपनी विशिष्ट पहचान और विरासत है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान खासकर ऊपरी असम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुँचा सकते हैं, जबकि चुनाव में अब महज दो महीने का समय शेष है।

पत्र में देबब्रत सैकिया ने असम आंदोलन के दौरान कांग्रेस के समर्थन में अपने परिवार द्वारा दिए गए बलिदानों का भी उल्लेख किया और पार्टी की विचारधारा व मूल्यों की रक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी भी विवादास्पद पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को पार्टी में शामिल करने से पहले शीर्ष नेतृत्व से समुचित परामर्श किया जाना चाहिए, ताकि पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचाने वाली स्थितियों से बचा जा सके।

इस पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं—प्रद्युत बोरदोलोई, रकीबुल हुसैन, भूपेन बोरा और रिपुन बोरा—को भी भेजी गई है।

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