जुबिन गर्ग मौत मामला: ‘सिंगापुर पर भरोसा करें या असम के मुख्यमंत्री पर’, गौरव गोगोई का सवाल
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी I असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने गायक जुबिन गर्ग की मौत को लेकर सामने आ रहे परस्पर विरोधी दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि असम सरकार और सिंगापुर के अधिकारियों के निष्कर्षों में स्पष्ट अंतर है, ऐसे में जनता यह तय करे कि किस पर भरोसा किया जाए।
जहां असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पहले जुबिन गर्ग की मौत को “हत्या” बता चुके हैं, वहीं सिंगापुर में हुई जांच के बाद वहां के अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि 19 सितंबर 2025 को हुई यह मौत प्राकृतिक थी और इसमें किसी तरह की साजिश या आपराधिक पहलू नहीं पाया गया।
बातचीत में गौरव गोगोई ने कहा,“हमें किस पर भरोसा करना चाहिए? असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि जुबिन गर्ग की हत्या हुई है और उनकी एसआईटी टीम के जरिए पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। चार्जशीट में पांच से छह लोगों पर साजिश रचकर जुबिन गर्ग की हत्या करने का आरोप लगाया गया है। दूसरी ओर, सिंगापुर सरकार का कहना है कि यह एक सामान्य मौत थी और इसमें कोई आपराधिक पहलू नहीं है। गहन जांच के बाद यह उनका निष्कर्ष है। तो फिर हम किस पर भरोसा करें—सिंगापुर सरकार पर या असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर, जिन्होंने स्वयं विधानसभा में कहा था कि जुबिन गर्ग की हत्या हुई?”
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब असम सरकार ने हाल ही में जुबिन गर्ग मौत मामले की पैरवी के लिए विशेष लोक अभियोजकों (स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स) की एक टीम की नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री शर्मा की अध्यक्षता में गुवाहाटी स्थित लोक सेवा भवन में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस मामले में जियाउल कमर को वरिष्ठ विशेष लोक अभियोजक, ब्रजेन्द्र मोहन चौधुरी को अतिरिक्त विशेष लोक अभियोजक, जबकि किशोर दत्ता, प्रांजल दत्ता और विकास जमर को सहायक विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने जुबिन गर्ग मेमोरियल ट्रस्ट के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित करने का भी निर्णय लिया।
इससे पहले दिसंबर 2025 में गायक की मौत से जुड़े सात आरोपियों को गुवाहाटी के कामरूप (मेट्रो) जिले की जिला एवं सत्र अदालत में वर्चुअल माध्यम से पेश किया गया था।


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