विकसित भारत जी राम जी एक्ट से ग्रामीण भारत में नए युग की शुरुआत: जोरहाट में कांग्रेस पर बरसे केंद्रीय मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा
जोरहाट से नीरज खंडेलवाल
जोरहाट स्थित सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (विकसित भारत जी राम जी Act) के संसद से पारित होने को ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को मूल रूप से बदलने वाला है।
“आज हम विकसित भारत 2047 की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए हैं।
संसद ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण, जिसे अब विकसित जी राम जी एक्ट के नाम से जाना जाता है, को पारित किया है। यह कानून देश में ग्रामीण रोजगार की तस्वीर को पूरी तरह बदल देगा।
लंबे समय तक हमारे गांवों को केवल जरूरतों और सहायता के केंद्र के रूप में देखा गया। लेकिन आज सरकार गांवों को उत्पादन और समृद्धि के केंद्र के रूप में मान्यता दे रही है। यह परिवर्तन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण संभव हो पाया है।
प्रधानमंत्री का संकल्प केवल अस्थायी सहायता देना नहीं, बल्कि एक ऐसा विकसित भारत बनाना है, जहां हर नागरिक आत्मनिर्भरता और गरिमा के साथ जीवन जी सके।”
मार्गेरिटा ने कहा कि यह कानून राहत-आधारित योजनाओं से हटकर स्थायी और उत्पादक ग्रामीण विकास की ओर एक निर्णायक कदम है। इसके तहत गारंटीकृत कार्यदिवस 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं और गुणवत्ता-युक्त परिसंपत्ति निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि 60:40 केंद्र-राज्य फंडिंग मॉडल सहकारी संघवाद को मजबूत करता है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों सहित असम को 90:10 के विशेष फंडिंग पैटर्न का लाभ मिलता रहेगा।
“60:40 का फंडिंग मॉडल सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करता है, क्योंकि अब केंद्र और राज्य दोनों की साझा जिम्मेदारी होगी। इससे राज्य सरकारें केवल निर्भर नहीं रहेंगी, बल्कि भागीदार बनेंगी।
इससे योजना निर्माण, जवाबदेही और परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा। असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10 का फंडिंग पैटर्न जारी रहना हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका अर्थ है कि राज्य को केवल 10 प्रतिशत योगदान देना होगा और 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देगी।
एक असम के नागरिक के रूप में मैं प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने ग्रामीण असम और पूर्वोत्तर के विकास के लिए यह विशेष पहल की है।
विकसित भारत जी राम जी एक्ट 2025 ग्रामीण रोजगार नीति की नई परिभाषा है। अब हम न्यूनतम राहत की सोच से निकलकर अधिकतम उत्पादक विकास की ओर बढ़ रहे हैं।”
कांग्रेस की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि यह कानून महात्मा गांधी के पंचायती राज के सिद्धांतों पर आधारित है और कांग्रेस को नैतिकता पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
“महामानव महात्मा गांधी राष्ट्रपिता हैं। किसी योजना के नाम से ज्यादा महत्वपूर्ण उनके सिद्धांत और विचारधारा हैं। विकसित भारत जी राम जी एक्ट ग्रामीण क्षेत्रों में सत्ता के विकेंद्रीकरण और पंचायती राज की भावना को मजबूत करता है, जो गांधी जी के विचारों के अनुरूप है।
हमने कार्यदिवस 100 से बढ़ाकर 125 किए हैं और यह कानून बुनियादी ढांचे, स्थिरता, उत्पादकता और जल संसाधनों के संरक्षण पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत का समग्र विकास और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना है।
कांग्रेस के कार्यकाल में, खासकर मनरेगा जैसी योजनाओं में हुए भारी भ्रष्टाचार को देश जानता है। ऐसे में उन्हें विकसित भारत पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। यह कानून पूरी तरह महात्मा गांधी के विचारों और सिद्धांतों पर आधारित है।।


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