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मणिपुर में एक साल बाद राष्ट्रपति शासन खत्म, आज CM पद की शपथ लेंगे वाई खेमचंद सिंह

थर्ड आई न्यूज

नई दिल्ली I करीब एक साल बाद हिंसा प्रभावित मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को हटा लिया गया है, जिससे राज्य में नई निर्वाचित सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन को समाप्त करने की घोषणा की. यह फैसला नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से कुछ घंटे पहले लिया गया.

भारतीय जनता पार्टी ने पुष्टि की है कि NDA विधायक दल के नेता वाई. खेमचंद सिंह बुधवार शाम 6 बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह इंफाल स्थित लोक भवन में आयोजित किया जाएगा, जहां सुबह से ही तैयारियां चल रही थीं. बीजेपी मणिपुर ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर इस कार्यक्रम की जानकारी दी.

विधायक दल के नेता खेमचंद का बयान :
पार्टी ने अपने संदेश में कहा कि वाई. खेमचंद सिंह के अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व में मणिपुर शांति, विकास और सुशासन के रास्ते पर आगे बढ़ेगा और राज्य में स्थिरता व प्रगति का नया दौर शुरू होगा. मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश करने के कुछ ही मिनट बाद यह ऐलान किया गया.

खेमचंद सिंह ने पेश किया सरकार बनाने का दावा :
वाई. खेमचंद सिंह के नेतृत्व में NDA का एक प्रतिनिधिमंडल लोक भवन पहुंचा और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार गठन का औपचारिक दावा पेश किया. इस प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरजावल जैसे कुकी-जो बहुल जिलों के दो विधायक भी शामिल थे, जिसे राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.

खेमचंद सिंह बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए :
62 वर्षीय वाई. खेमचंद सिंह को मंगलवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में पहले बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया, जिसके बाद उन्हें NDA विधायक दल का भी नेता घोषित किया गया. इससे पहले वरिष्ठ बीजेपी विधायक थोंगम बिस्वजीत सिंह ने बताया था कि मुख्यमंत्री समेत कुल पांच विधायक मंत्रिपद की शपथ लेंगे.

गौरतलब है कि मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था. तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने मई 2023 में शुरू हुई मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा को संभालने में नाकामी के आरोपों के बीच इस्तीफा दे दिया था. इस हिंसा में कई जिलों में बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ और हजारों लोग विस्थापित हुए.

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