होजाई में ‘घर-घर कीर्तन’ का स्वर्णिम 50वां संकीर्तन, भक्ति रस में डूबा श्री लक्ष्मी-नारायण मंदिर परिसर
थर्ड आई न्यूज
होजाई से रमेश मुंदड़ा
‘घर-घर कीर्तन, हर घर कीर्तन’ श्रृंखला का स्वर्णिम 50वां संकीर्तन कार्यक्रम मंगलवार सायं श्री लक्ष्मी-नारायण मंदिर प्रांगण में श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। ‘एक शाम बालाजी के नाम’ थीम पर आयोजित इस पावन आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों, मातृशक्ति एवं बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 6:31 बजे गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके उपरांत बजरंगबली का दिव्य दरबार रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया, जिसने मंदिर परिसर को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया। ‘समर्पण’ संगठन की ओर से विशेष रूप से बुजुर्गों को आमंत्रित किया गया, जिससे आयोजन एक पारिवारिक एवं सामाजिक उत्सव का स्वरूप ले सका।
हनुमान जी की महिमा का गुणगान करते हुए श्रद्धालुओं ने ‘जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुं लोक उजागर’ जैसे भजनों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जिसमें बालाजी की भक्ति, पराक्रम और रामभक्ति की अमर कथाओं ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर समाज की कई माताओं का विशेष सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में संजय मुरारका, अनिल भीमसारिया, ललित बोडा, मनोज शर्मा, संतोष सरावगी, मोहन मोर, पवन पंसारी, मनोज केजरीवाल, उमा शंकर बोडा, प्रभु पंसारी, संजय गाड़ोदिया, सुनील भीमसारिया एवं कैलाश मोर सहित अनेक प्रमुख भक्तों ने सक्रिय सहभागिता निभाई, जिससे आयोजन और भी जीवंत हो उठा।
आयोजकों के अनुसार यह श्रृंखला अब घर-घर भक्ति का सशक्त माध्यम बन चुकी है, जो सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत कर रही है। प्रभु अनुकंपा से आयोजित सवामनी भंडारे के प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का उल्लासपूर्ण समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सहभागी बनने का संकल्प लिया तथा क्षेत्र में शांति और समृद्धि की कामना की।


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