सियासत: CM हिमंत पर कांग्रेस हमलावर, गौरव गोगोई ने बताया असम का जिन्ना, भूपेन बोरा के इस्तीफे पर भी टिप्पणी
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी। असम के सियासी अखाड़े में दंगल से पहले सत्ताधारी दल- भाजपा और विपक्षी पार्टी- कांग्रेस के बीच जमकर जुबानी जंग हो रही है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर कांग्रेस हमलावर है। प्रदेश से निर्वाचित लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने सीएम को असम का जिन्ना बताया है। उन्होंने पूर्व असम प्रदेश कांग्रेस प्रमुख भूपेन बोरा के इस्तीफे पर भी टिप्पणी की है। गोगोई ने कहा कि भाजपा का दामन थामने वाले लोग कांग्रेस के लिए कोई अहमियत नहीं रखते I
असम के जिन्ना हैं मुख्यमंत्री हिमंत :
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बोरा को कांग्रेस का ‘अंतिम हिंदू नेता’ बताया है। इस टिप्पणी पर एक सवाल के जवाब में गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता और सीएम हिमंत ‘असम के जिन्ना’ हैं। उन्हें राजनेताओं को ‘हिंदू प्रमाण पत्र’ देना बंद कर देना चाहिए।
कांग्रेस का अस्तित्व सागर जैसा :
बकौल गौरव गोगोई, ‘कांग्रेस सागर की तरह है; हम सब उसमें पानी की बूंदें मात्र हैं। कांग्रेस हमारे पिता और पूर्वजों के अस्तित्व से भी बहुत पहले से मौजूद है। भूपेन बोरा के जाने से विधानसभा चुनावों में हमारी पार्टी की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सीएम हिमंत पर और किन मुद्दों पर बरसी कांग्रेस?
गौरव गोगोई ने बुधवार को गुवाहाटी में एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा और मुख्यमंत्री हिमंत पर जमकर हमले बोले। उन्होंने कहा, ‘भाजपा में कांग्रेस के पुराने नेता भरे पड़े हैं, जो राज्य में कांग्रेस के 15 साल के शासनकाल के दौरान सबसे ज्यादा भ्रष्ट थे।’ पूर्व राज्य कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर गोगोई ने कहा, सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होने वाले लोग अपने राजनीतिक सफर में ‘महत्वहीन’ हो चुके हैं। उनका भी यही हश्र होगा।
कई राजनीतिक दलों का अस्तित्व खतरे में है :
गोगोई ने पूर्व सीएम सोनोवाल का जिक्र करते हुए कहा, सर्वानंद सोनोवाल और कई अन्य लोगों का उदाहरण हम देख सकते हैं। एजीपी पार्टी (सोनोवाल की पिछली पार्टी) विलुप्त होने की कगार पर है। मुझे नहीं लगता कि भूपेन बोरा के भाजपा में शामिल होने के बारे में विशेष रूप से कुछ कहने की जरूरत है। आगामी विधानसभा चुनावों में मुकाबला ‘असली कांग्रेस और पुरानी कांग्रेस’ के बीच होगा।
भूपेन बोरा के इस्तीफे से गरमाई असम की सियासत :
गौरतलब है कि भूपेन बोरा के इस्तीफे की खबर बीते 16 फरवरी को आई थी। चंद घंटे बाद ही इस्तीफे के खंडन की वीडियो भी सामने आई। बोरा के यू-टर्न और हिमंत के भाजपा में शामिल होने के ऑफर के बाद राज्य की सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी। बोरा के इस्तीफे के पीछे ताकतवर मुस्लिम नेता रकीबुल हसन का हाथ माना जा रहा है। चुनाव से चंद हफ्ते पहले तेजी से बदल रहे राजनीतिक समीकरणों के बीच गौरव गोगोई के आक्रामक तेवरों को कांग्रेस की रणनीति की तरह भी देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रियंका गांधी भी असम दौरा करेंगी। प्रियंका प्रदेश के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों को धार देने वाली हैं।


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