कांग्रेस में तानाशाही, स्वाभिमानी असमिया या हिंदू नहीं रह सकता पार्टी में – डॉ. देवजीत महंत
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी, 18 फरवरी 2026।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. देवजीत महंत ने असम प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा के कांग्रेस छोड़ने के मुद्दे पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र समाप्त हो चुका है और पार्टी तानाशाही ढंग से संचालित हो रही है।
डॉ. महंत ने कहा कि कोई भी स्वाभिमानी असमिया या हिंदू कांग्रेस में नहीं रह सकता। उन्होंने असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुत्र नहीं होते, तो उन्हें पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनने का अवसर नहीं मिलता।
उन्होंने बताया कि भाजपा आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के चयन हेतु 17 और 18 फरवरी को बैलेट पोलिंग प्रणाली लागू कर रही है, जिसके माध्यम से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की राय से उम्मीदवारों का पैनल तय किया जाएगा। इसके विपरीत, उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वहां उम्मीदवार चयन में पारदर्शिता नहीं है।
डॉ. महंत ने कहा कि कांग्रेस की स्ट्राइकिंग कमेटी की अध्यक्ष प्रियंका गांधी वाड्रा ने भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद असम का संभावित दौरा स्थगित कर दिया है, जबकि पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य विभिन्न जिलों में उम्मीदवार चयन को लेकर दौरे कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि भूपेन बोरा स्वयं कांग्रेस में लंबे अनुभव के आधार पर पार्टी की आंतरिक स्थिति से असंतुष्ट थे और उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि कांग्रेस में लोकतंत्र नहीं बल्कि दबाव और नियंत्रण की राजनीति चलती है। डॉ. महंत के अनुसार, बोरा ने यह भी स्वीकार किया था कि प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्हें चुनाव लड़ने के लिए दबाव का सामना करना पड़ा था।
प्रेस वार्ता में डॉ. महंत ने कांग्रेस नेतृत्व पर क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पार्टी की नीतियों से असम के मूल निवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
उन्होंने कहा कि समय आने पर जनता कांग्रेस की नीतियों और नेतृत्व का जवाब देगी।


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