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Nepal Parliamentary Elections: नेपाल में अंतरिम PM की सिफारिश पर संसद भंग; 5 मार्च 2026 को होंगे संसदीय चुनाव

थर्ड आई न्यूज

काठमांडू I नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार को नव नियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सिफारिश पर देश की संसद (प्रतिनिधि सभा) को भंग कर दिया। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सदन का विघटन 12 सितंबर 2025 की रात 11 बजे से प्रभावी हुआ। अंतरिम सरकार बनने के साथ ही अधिकारियों ने देश में नए सिरे से संसदीय चुनाव कराने का भी एलान कर दिया। नेपाल में अब 5 मार्च 2026 को आम चुनाव कराए जाएंगे।

अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण, देश को मिली पहली महिला पीएम :
बता दें कि 73 वर्षीय कार्की नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं कार्की को राष्ट्रपति पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य न्यायाधीश, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सुरक्षा प्रमुख और राजनयिक समुदाय के सदस्य उपस्थित थे। पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई भी शरीक हुए। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में आने वाले भट्टराई एकमात्र पूर्व प्रधानमंत्री रहे।

सुशीला कार्की को लेकर युवाओं में उत्साह, कहा- देश मां के प्रेम और त्याग से चलेगा :
कार्की की नियुक्ति के साथ ही काठमांडू के शीतल निवास के बाहर बड़ी संख्या में युवाओं, खासकर जेन-जी समूहों ने उत्सव मनाया। सोशल मीडिया पर लोग एक-दूसरे को बधाई संदेश भेजते दिखे। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने अपने पोस्ट्स में लिखा – ‘देश की पहली महिला प्रधानमंत्री को बधाई,’ ‘सफल रहो, देश को बचाओ और बनाओ,’ और ‘धन्यवाद जेन जी, जिन्होंने यह संभव कर दिखाया।’ एक अन्य यूजर ने फेसबुक पर लिखा – ‘मेरा घर, मेरा कॉलेज और अब मेरा देश भी मां के प्रेम और त्याग से चलेगा।’

केपी शर्मा ओली को क्यों इस्तीफा देना पड़ा?
गौरतलब है कि नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में कार्की की नियुक्ति का एलान राष्ट्रपति, सेना के शीर्ष अधिकारियों और आंदोलन का नेतृत्व करने वाले युवा प्रतिनिधियों के बीच हुई विशेष बैठक के बाद हुआ। राष्ट्रपति ने प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं, कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज से भी परामर्श किया। बता दें कि पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली को सोशल मीडिया प्रतिबंध के बाद उपजे राष्ट्रव्यापी आंदोलन, असंतोष और जनाक्रोश के दबाव में इस्तीफा देना पड़ा। नेपाल में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा और आगजनी में 34 से अधिक लोगों की मौत हुई। गुस्साई भीड़ ने नेताओं को दौड़ाकर पीटा, देश की ऐतिहासिक इमारतों को आग के हवाले कर दिया। मृतकों में पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी भी शामिल हैं, जिन्हें भीड़ ने जिंदा जला डाला।

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