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WEF 2026 Davos LIVE: दावोस में ट्रंप के बोल- ग्रीनलैंड को अमेरिका के सिवाय दुनिया का कोई और देश बचा नहीं सकता

थर्ड आई न्यूज

दावोस I विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और वैश्विक भू-राजनीति पर तीखा रुख स्पष्ट कर दिया है। दावोस में वैश्विक नेताओं और कॉर्पोरेट जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने जहां अमेरिकी अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार का दावा किया, वहीं यूरोपीय संघ की वर्तमान दिशा और दशा पर गंभीर सवाल उठाए। आइए जानें ट्रंप के संबोधन की झलकियां।

ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने का किया दावा :
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने एक बार फिर मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रुकवाने का दावा किया। उन्होंने कि मैंने एक वर्ष में दुनिया में आठ युद्ध रुकवाए हैं। ट्रंप ने कहा कि युक्रेन में भी एक खूनी युद्ध जारी है। वे इसे भी रुकवाएंगे।

वैश्विक सुरक्षा के लिए अमेरिका के पास ग्रीनलैंड का होना जरूरी: डोनाल्ड ट्रंप
दावोस में ट्रंप ने कहा, “ग्रीनलैंड एक विशाल, लगभग पूरी तरह से निर्जन और अविकसित क्षेत्र है, जो अमेरिका, रूस और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान पर असुरक्षित रूप से स्थित है।” उनका कहना है कि दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के बढ़ते महत्व के साथ ही इसका महत्व और भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा, “हमें इसकी जरूरत इस वजह से नहीं है, हमें इसकी जरूरत रणनीतिक राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए है।” उन्होंने आगे दावा किया कि यह उत्तरी अमेरिका का हिस्सा है और इसलिए हमारा क्षेत्र है। इसलिए यह अमेरिका का एक प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा हित है।

ट्रंप ने ग्रीनलैंड विवाद पर डेनमार्क को एहसान फरामोश बताया :
दावोस में डोनाल्ड ट्रंप ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि वहां अमेरिका की पिछली रक्षात्मक भूमिका आज उस पर नियंत्रण करने के उनके के प्रयास को उचित ठहराती है।

ट्रंप ने कहा “हमने ग्रीनलैंड को बचाया और अपने दुश्मनों को हमारे गोलार्ध में पैर जमाने से सफलतापूर्वक रोका।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि युद्ध के बाद, हमने ग्रीनलैंड को डेनमार्क को वापस दे दिया। ऐसा करना कितनी बड़ी मूर्खता थी? लेकिन हमने ऐसा किया। लेकिन अब वे कितने कृतघ्न हो गए हैं।”

दावोस में ट्रंप ने चीन पर बोला हमला- कहा मूर्ख लोग उनसे पवनचक्कियां खरीदते हैं :
दावोस में ट्रंप ने कहा कि चीन में ही सारी पवनचक्कियां बनती हैं, लेकिन मुझे वहां कोई नजर नहीं आ रही; वे उन्हें यूरोप के बेवकूफ लोगों को बेचते हैं और खूब पैसा कमाते हैं। उन्होंने कहा कि पवनचक्कियां पक्षियों को मारती हैं, प्राकृतिक दृश्यों को नष्ट करती हैं; मूर्ख लोग इन्हें खरीदते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में विश्व स्वास्थ्य संगठन की वार्षिक बैठक में यह बात कही।

कड़ी सुरक्षा के बावजूद आयोजन स्थल के बाहर ट्रंप का विरोध :
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक को संबोधित करने के लिए यहां पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही, उनके भाषण स्थल में प्रवेश करने के लिए लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सैकड़ों लोग बाहर विभिन्न स्थानों पर उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जमा हो गए।

स्विट्जरलैंड के दावोस पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप :
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। राष्ट्रपति का विमान एयर फोर्स वन ज्यूरिख में उतरा। इसके बाद वह दावोस रवाना हुए, जहां उनका कार्यक्रम पहले कारोबार जगत के नेताओं से मुलाकात और फिर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाषण देने का है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब यूक्रेन युद्ध, वैश्विक मंदी और सुरक्षा मुद्दों पर दुनिया की निगाहें अमेरिका की भूमिका पर टिकी हैं।

दावोस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा है कि यूरोप सही दिशा में नहीं बढ़ रहा है। कुछ जगहों की तो पहचान ही नहीं बची है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावोस में विश्व यूरोपीय संघ (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में अपना भाषण शुरू करते हुए ‘बहुत सारे दोस्तों’ और ‘कुछ दुश्मनों’ का अभिवादन किया। ट्रंप ने दावोस में कहा है कि मुझे चुनकर अमेरिकी लोग बहुत खुश हैं। दो साल पहले हम एक मृत देश थे, लेकिन अब हम फिर से जीवित हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूरोप के कुछ स्थान तो पहचाने भी नहीं जा सकते; मुझे यूरोप से प्यार है, लेकिन यह सही रास्ते पर नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी देश ग्रीनलैंड को बचा नहीं सकता सिवाय अमेरिका के।

डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में कहा, “हम विदेशी राष्ट्रों पर कर बढ़ा रहे हैं ताकि उनके द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई की जा सके। हमने कुछ बेहतरीन व्यापारिक समझौते किए हैं; हर कोई जानता है कि जब अमेरिका का विकास होता है, तो आप भी उसका अनुसरण करते हैं: डोनाल्ड ट्रम्प ने दावोस में कहा। वेनेजुएला कई वर्षों से एक अद्भुत जगह रही है, लेकिन वे गलत नीतियों के कारण खुद को बर्बाद कर रहे थे। वेनेजुएला ने हमले के बाद समझौता करने को कहा; ट्रंप ने कहा कि वे छह साल में जितना पैसा कमाएंगे, उससे कहीं ज्यादा पैसा वे छह महीने में कमा लेंगे।”

भारत बना भरोसेमंद वैश्विक साझेदार: राजन भारती मित्तल
भारती एंटरप्राइजेज के वाइस-चेयरमैन राजन भारती मित्तल ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। राजन भारती मित्तल के मुताबिक, भारत की ग्रोथ स्टोरी पूरी तरह बरकरार है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को लेकर दिलचस्पी बनी हुई है।

डीके शिवकुमार ने बंगलूरू को बताया ‘भविष्य का शहर’ :
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वार्षिक बैठक में बंगलूरू की नवाचार क्षमता, मजबूत बुनियादी ढांचे और बेहतर जीवन गुणवत्ता को रेखांकित किया। डीके शिवकुमार ने ‘क्या शहर इसके लिए तैयार है’ सत्र को संबोधित किया, जिसमें दुनिया भर के शहरों में मोबिलिटी, ऊर्जा और तकनीक के लिए एकीकृत और लोगों-केंद्रित समाधानों पर चर्चा हुई। इस सत्र में वैश्विक नेताओं ने भविष्य के शहरों की चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

भारत की तेज ग्रोथ जारी रहेगी: वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अगले पांच वर्षों में वास्तविक रूप से 6 से 8 प्रतिशत और नाममात्र रूप से 10-13 प्रतिशत की दर से वृद्धि करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह तेज रफ्तार विकास मध्यम महंगाई और मजबूत आर्थिक गतिविधियों के सहारे संभव होगा।

विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के मौके पर यहां CII और EY के सहयोग से आयोजित सत्र ‘बेट ऑन इंडिया- बैंक ऑन द फ्यूचर’ को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि भारत सरकार का फोकस नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर है, ताकि निवेश और विकास को गति दी जा सके। उन्होंने बताया कि टेलीकॉम टावर लगाने की प्रक्रिया में बड़ा सुधार किया गया है। पहले जहां एक टावर की स्थापना के लिए औसतन 270 दिन लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर सिर्फ 7 दिन रह गया है। इतना ही नहीं, 89 प्रतिशत अनुमतियां अब ‘जीरो टाइम’ में मिल रही हैं।

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