दावोस में असम की मजबूत मौजूदगी, राज्य को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में नई पहचान: मुख्यमंत्री हिमंत
थर्ड आई न्यूज
दावोस। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने 21 जनवरी को कहा कि विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में “टीम भारत” के हिस्से के रूप में असम की भागीदारी यह दर्शाती है कि अब देश का हर हिस्सा वैश्विक निवेश के लिए एक सक्षम गंतव्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक मंच पर असम की उपस्थिति भारत के संतुलित और समावेशी आर्थिक विकास की दिशा को रेखांकित करती है।
दावोस में बैठकों के समापन के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंच के जरिए असम को अपनी क्षमताएं और संभावनाएं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने का सशक्त अवसर मिला। उन्होंने बताया कि पहले भारत पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान कुछ ही राज्यों तक सीमित रहता था, लेकिन असम की भागीदारी से यह स्पष्ट हो गया है कि अब निवेश के अवसर देश के हर क्षेत्र में फैले हुए हैं।
उन्होंने कहा,“जब असम जैसा राज्य भारत का प्रतिनिधित्व करता है, तो यह दिखाता है कि देश केवल कुछ गिने-चुने इलाकों की नहीं बल्कि पूरे भारत की बात कर रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां कोई भी राज्य निवेश आकर्षित करने और उसे उपयोग में लाने में सक्षम है, और दावोस में असम की सक्रिय भागीदारी ने इस सोच को और मजबूती दी है। असम की बदलती आर्थिक पहचान पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य पारंपरिक रूप से चाय और हाइड्रोकार्बन के लिए जाना जाता था, लेकिन अब वह उर्वरक, रसायन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा और नई ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि बीते दो दिनों में राज्य सरकार ने कई वैश्विक और राष्ट्रीय निवेशकों के साथ व्यापक बातचीत की और असम के विकास को गति देने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने इस यात्रा को अत्यंत सफल बताते हुए कहा कि इससे राज्य को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा,यह पूरी यात्रा हमारे लिए बेहद उपयोगी रही। हमने कई निवेशकों से मुलाकात की और महत्वपूर्ण समझौते किए। हम इस दौरे के परिणामों से बहुत संतुष्ट हैं।

