नगांव में मुख्यमंत्री ने वितरित की आत्मनिर्भर असम 2.0 की पहली किस्त, बोले— परिश्रम से ही जीवित रहती है कोई जाति
थर्ड आई न्यूज
नगांव से जयप्रकाश सिंह
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि केवल आंदोलनों और नारों से कोई समाज आगे नहीं बढ़ सकता, बल्कि परिश्रम और अध्यवसाय से ही किसी जाति का अस्तित्व सुरक्षित रह सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने श्रम और प्रतिभा के बल पर न सिर्फ स्वयं आत्मनिर्भर बनें, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।
मुख्यमंत्री यह बातें नगांव के नेहरूबाली मैदान में मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान 2.0 के अंतर्गत नगांव, मोरीगांव और होजाई जिलों के लाभार्थियों को पहली किस्त की धनराशि वितरित करते हुए कहीं। इस चरण में कुल 7,969 उद्यमियों को सहायता प्रदान की गई। पूरे राज्य में इस योजना के तहत 74,036 संभावित उद्यमियों को शामिल किया गया है, जिनमें सामान्य श्रेणी के प्रत्येक लाभार्थी को 2 लाख रुपये दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरी सभी को नहीं मिल सकती और सरकारी कर्मचारी दूसरों को नौकरी नहीं दे सकते। लेकिन जो लोग उद्योग या व्यवसाय स्थापित करते हैं, वे कम से कम दस अन्य लोगों को रोजगार देने की क्षमता रखते हैं। यही आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करें और समाज के लिए आदर्श बनें। युवावस्था में किया गया परिश्रम ही भविष्य का निर्माण करता है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले असम में आंदोलनों और हड़तालों के कारण युवाओं की शक्ति का दुरुपयोग हुआ, लेकिन अब राज्य में सकारात्मक माहौल बना है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आत्मनिर्भर असम अभियान 1.0 के तहत 25 हजार उद्यमियों को सहायता दी गई थी। दूसरे चरण में लाभार्थियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जिसके बाद अगली किस्त प्रदान की जाएगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में “सीएम फेलो” नियुक्त किए गए हैं, जो उद्यमियों को मार्गदर्शन देंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आगामी पांच वर्षों में हर साल दो लाख, यानी कुल दस लाख युवाओं को इस अभियान से जोड़ने का है। उन्होंने इस धारणा को भी गलत बताया कि असमिया युवा काम नहीं करना चाहते। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कुमार भास्कर वर्मा सेतु के निर्माण में अधिकांश श्रमिक असमिया हैं।
जागीरोड सेमीकंडक्टर परियोजना और धुबरी ताप विद्युत परियोजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में बढ़ते औद्योगीकरण से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसलिए युवाओं को सरकारी नौकरी के साथ-साथ उद्योग और व्यापार की ओर भी ध्यान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असमिया समाज को अपनी भूमि, खेत और बाजार की रक्षा के लिए आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त होना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि असमिया लोग शांतिपूर्वक अपनी भूमि वापस खरीदें और संगठित होकर आगे बढ़ें।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान कार्यकाल में 1.50 लाख लोगों को सरकारी नियुक्ति दी गई है और अगले पांच वर्षों में दो लाख और लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पांच लाख बीघा भूमि से अतिक्रमण हटाने की योजना भी सरकार के एजेंडे में है।
कार्यक्रम में नगांव के जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। मंत्री पियूष हजारिका, केशव महंत, विधायक रूपक शर्मा, जीतु गोस्वामी, दिप्लुरंजन शर्मा, रमाकांत देउरी, शिबु मिश्रा, रामकृष्ण घोष सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने नगांव शहर के रूपकुँवर चौक में स्थापित ज्योति प्रसाद अगरवाला की प्रतिमा तथा मरिकलंग में ‘श्रद्धांजलि उद्यान’ का उद्घाटन भी किया।


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