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पुष्कर में विप्र फाउंडेशन का 18वां राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न, मुंबई के उद्योगपति एस.एन. माली बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

थर्ड आई न्यूज़

पुष्कर। तीर्थराज पुष्कर में विप्र फाउंडेशन का 18वां राष्ट्रीय अधिवेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम गुरुजी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। अधिवेशन में आगामी कार्यकाल 2026–28 के लिए मुंबई के उद्योगपति सत्यनारायण (एस.एन.) माली को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

अधिवेशन के दौरान देशभर के 45 जोनल प्रदेश अध्यक्षों सहित कुल 401 सदस्यों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। इस नई कार्यकारिणी में पूर्वोत्तर क्षेत्र और असम से जुड़े कई प्रतिनिधियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

पद्मभूषण पत्रकार झाबरमल शर्मा के पौत्र सत्यनारायण शर्मा को पुनः मुख्य संरक्षक के रूप में चुना गया। विप्र फाउंडेशन जोन–8 की क्षेत्रीय अध्यक्ष मंजूलता शर्मा ने बताया कि क्षेत्र–8 से रतन शर्मा को आदि तीर्थ परशुराम कुंड मूर्ति प्रतिष्ठा प्रकल्प का चेयरमैन तथा रामस्वरूप जोशी को राष्ट्रीय क्षेत्रीय प्रभारी नियुक्त किया गया है।

इसके अतिरिक्त गुवाहाटी प्रकोष्ठ से राजकुमार शर्मा कौशिक, राजकुमार शर्मा सोती, संपत मिश्र तथा बरपेटा रोड के श्रीधर शर्मा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है। अधिवेशन में पूर्वोत्तर क्षेत्र से जोन–8 की क्षेत्रीय अध्यक्ष मंजूलता शर्मा के साथ गुवाहाटी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शिव पारीक, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अमित पारीक, क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष राकेश भातरा, सदस्य राम निरंजन झकनारिया और अशोक दाधीच भी उपस्थित रहे।

अधिवेशन में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों और योजनाओं पर भी चर्चा की गई। इसमें विशेष रूप से “ब्राह्मण सिविलाइजेशन आइडेंटिटी फ्रेमवर्क” विषय पर राष्ट्रीय शोध अभियान की घोषणा की गई। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षण को 14 प्रतिशत तक बढ़ाने और यूजीसी बिल को वापस लेने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

इस अवसर पर संस्था द्वारा संचालित विभिन्न प्रमुख प्रकल्पों की जानकारी भी दी गई, जिनमें श्री परशुराम ज्ञानपीठ जयपुर, इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर परशुराम कॉन्शसनेस, प्रज्ञान भवन परशुराम परिसर उदयपुर, श्रेष्ठ भारत अभियान, स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ, आदि शंकर ई-लाइब्रेरी, शांति देवी कन्या छात्रावास सरदारशहर तथा केसर कुंज कोलकाता जैसे प्रकल्प शामिल हैं। शिक्षा, संस्कार और स्वावलंबन को केंद्र में रखते हुए भविष्य की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई।

अधिवेशन में विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा, चित्तौड़गढ़ के सांसद सी.पी. जोशी, राजस्थान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, मुख्य संरक्षक एवं पूर्व विधायक सत्यनारायण शर्मा, धर्मनारायण जोशी, ताराचंद सारस्वत, राजेश कर्नल सहित कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां उपस्थित रहीं। स्वामी प्रखर महाराज की भी विशेष उपस्थिति रही।

इस राष्ट्रीय अधिवेशन में ओडिशा, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से हजारों प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संगठन के विस्तार, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने के संकल्प के साथ अधिवेशन का समापन हुआ।

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