ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को असमभर की दवा दुकानें रह सकती हैं बंद
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी, 14 मई 2026: ऑनलाइन दवाओं की बिक्री और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में असम के दवा विक्रेताओं ने भी 20 मई को बंद का आह्वान किया है। केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ असम ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है, तो असम के सभी 30 जिलों में दवा दुकानें बंद रह सकती हैं।
गुरुवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में संगठन ने आरोप लगाया कि अनियमित ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवा कंपनियां जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं और असम के स्थानीय दवा व्यवसाय को भी प्रभावित कर रही हैं।
संगठन के अनुसार, कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना मरीजों की उचित शारीरिक जांच के दवाएं बेच रहे हैं और एक ही पर्चे का बार-बार उपयोग कर दवाओं की आपूर्ति की जा रही है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन माध्यम से जेनेरिक दवाओं के नाम पर नकली और घटिया गुणवत्ता की दवाएं बेची जा रही हैं, जिससे मरीजों की सेहत पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
एसोसिएशन ने एक और गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री में एआई आधारित फर्जी प्रिस्क्रिप्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था में जटिलताएं बढ़ रही हैं।
केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ असम ने बड़ी ऑनलाइन दवा कंपनियों और कॉर्पोरेट फार्मेसी चेन पर अत्यधिक छूट देकर बाजार व्यवस्था को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया।
संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपकर अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा कोविड-19 महामारी के दौरान जारी ई-फार्मेसी अधिसूचना को वापस लेने की मांग की है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 20 मई को आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में लाखों दवा विक्रेता, थोक व्यापारी और वितरक शामिल हो सकते हैं।
प्रेस वार्ता में संगठन के महासचिव हलधर डेका और अध्यक्ष डॉ. एन एल अग्रवाल ने आंदोलन की जानकारी साझा की।
गौरतलब है कि यह देशव्यापी आंदोलन ऑल इंडिया केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ऑर्गेनाइजेशन के आह्वान पर किया जा रहा है, जिसमें देशभर के करीब 12.40 लाख दवा विक्रेता और वितरक शामिल होने की संभावना है।

