असम: भाजपा ने खरगे के खिलाफ पुलिस और राज्य चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत, नफरती भाषण देने का लगाया आरोप
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी I भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम इकाई ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) में शिकायत दर्ज कराई। पार्टी ने उन पर राज्य में एक चुनावी रैली में कथित ‘नफरती भाषण’ देने का आरोप लगाया है
असम भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता प्रांजल कलिता ने एक बयान में कहा, कांग्रेस नेता बार-बार संविधान का पालन करने का दावा करते हैं। लेकिन उनके कार्य सांविधानिक स्वतंत्रता और सभी धर्मों की प्रति सम्मान की मूल भावना के घोर विपरीत हैं। कलिता ने कहा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)-भाजपा पर प्रतिबंध लगाने की खरगे की हालिया मांग न केवल राजनीतिक असहिष्णुता को दर्शाती है। बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के भीतर बौद्धिक दिवालिया पन को भी उजागर करती है।
‘खरगे की टिप्पणियां हिंदू आस्था-परंपरा का अपमान’ :
उन्होंने आगे कहा, असम प्रदेश भाजपा श्रीभूमि जिले के नीलम बाजार में छह अप्रैल को एक चुनावी रैली के दौरान की गईं बेहद आपत्तिजनक और गैरजिम्मेदाराना टिप्पणियों की कड़ी निंदा करती है, जो हिंदू आस्था और परंपरा का सरासर अपमान है। उन्होंने कहा, इस तरह के बयान ने केवल निंदनीय हैं, बल्कि सामाजिक सद्भाव के लिए खतरनाक भी हैं।
‘सनातन संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर रही कांग्रेस’ :
कलिता ने यह भी आरोप लगाया, कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए जानबूझकर सनातन संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जब अन्य धर्मों को श्रेष्ठ के रूप में पेश कर रही है। उन्होंने दावा किया, असम की जनता और पूरे देश ने इस विभाजनकारी नजरिये को पहले ही खारिज कर दिया है।
उन्होंने कहा, इस भड़काऊ और विभाजनकारी बयानबाजी का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए असम भाजपा ने गुवाहाटी के बसिष्ठ थाने में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कराई है। असम राज्य चुनाव आयोग को भी एक शिकायत दी गई है। उन्होंने कहा, सत्तारूढ़ पार्टी ने चुनाव अभियान के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ और समाज को बांटने वाले बयान फैलाने के आरोप में खरगे के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
राज्य में कब होंगे चुनाव?
राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा। मतगणना चार मई को होगी।


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