पवन खेड़ा से पूछताछ पर कांग्रेस का हमला, रिपुन बोरा बोले – “मुख्यमंत्री ले रहे व्यक्तिगत बदला”
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी, 13 मई 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा से असम पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर “व्यक्तिगत प्रतिशोध” लेने का आरोप लगाया है।
पवन खेड़ा मंगलवार को गुवाहाटी के पानबाजार थाना स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए रिपुन बोरा ने कहा कि पवन खेड़ा एक “कानून का पालन करने वाले नागरिक” के रूप में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई जमानत की शर्तों का पालन कर रहे हैं।
रिपुन बोरा ने कहा, “जब किसी व्यक्ति को जमानत मिलती है तो जांच में सहयोग करना और संबंधित पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए उपस्थित होना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होता है। इसी कारण पवन खेड़ा क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए हैं।”
उन्होंने पूछताछ को नियमित कानूनी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि पवन खेड़ा अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा।
हालांकि कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह मामला अब मुख्यमंत्री के लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा, “यह निश्चित रूप से व्यक्तिगत प्रतिशोध है। मुख्यमंत्री ने बेहद मामूली कारण को व्यक्तिगत मुद्दा बना लिया और पवन खेड़ा की गिरफ्तारी का आदेश दिया।”
रिपुन बोरा ने आगे कहा कि लोकतंत्र में कोई भी आरोप लगा सकता है, लेकिन उसकी सत्यता का फैसला अदालत करती है। उन्होंने कहा, “आरोप सही हैं या गलत, इसका निर्णय सक्षम अदालत करेगी। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस मामले को व्यक्तिगत रूप से लिया।”
उन्होंने यह भी कहा कि भले ही पहले राहत नहीं मिली थी, लेकिन अंततः सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को न्याय मिला और अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान की।
कांग्रेस नेता ने आशंका जताई कि असम सरकार बार-बार पूछताछ और लंबी इंटरोगेशन के जरिए पवन खेड़ा को परेशान करने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने कहा, “उन्हें कई घंटों तक पूछताछ के लिए रोका जा सकता है, लेकिन इससे ज्यादा पुलिस कुछ नहीं कर सकती। इस मामले में पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकती।”
गौरतलब है कि पवन खेड़ा की कुछ टिप्पणियों के बाद असम पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।

