पर्यटन क्षेत्र को बजट में बड़ा प्रोत्साहन, असम को देश के शीर्ष 10 पर्यटन राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी, 10 जुलाई। असम सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने नई होमस्टे नीति, लग्जरी होटलों को प्रोत्साहन तथा अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क के विस्तार जैसी योजनाओं के माध्यम से असम को देश के शीर्ष 10 पर्यटन राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है।

विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पर्यटकों की संख्या के आधार पर असम को देश के दस प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करना है।

उन्होंने कहा कि असम एक पसंदीदा पर्यटन गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। इसका प्रमाण यह है कि ऑस्ट्रेलिया, जापान और यूरोपीय संघ के 27 देशों ने असम के लिए अपनी यात्रा संबंधी सलाह (ट्रैवल एडवाइजरी) में ढील दी है।

वित्त मंत्री ने बताया कि गुवाहाटी से दुबई और अबू धाबी के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत से राज्य की वैश्विक संपर्क व्यवस्था और मजबूत हुई है। इसके अलावा थाईलैंड, सिंगापुर और भूटान से पहले से मौजूद हवाई संपर्क पर्यटन, व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा कर रहे हैं।

बजट दस्तावेज के अनुसार, असम पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र बना हुआ है, जहां प्रतिवर्ष 76 लाख से अधिक घरेलू पर्यटक आते हैं।

सामुदायिक आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने व्यापक होमस्टे नीति लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत केंद्र सरकार में पंजीकृत पात्र होमस्टे संचालकों को 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी तथा 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। साथ ही, होमस्टे संचालकों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और असम की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत के प्रचार के लिए विशेष पर्यटन अभियान चलाया जाएगा।

उच्च स्तरीय पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए सरकार ने उमरांगसो, हाफलोंग और मानस में पांच सितारा होटल स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा है।

इसके अलावा पात्र होटल एवं आतिथ्य परियोजनाओं को 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) की प्रतिपूर्ति तथा निर्धारित मानकों के अनुसार ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार का विश्वास है कि इन प्रोत्साहनों से प्रतिष्ठित होटल श्रृंखलाएं और निजी निवेशक असम में निवेश के लिए आकर्षित होंगे, जिससे पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी और राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।

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