सावन की अंतिम सोमवारी पर ढोल-ताशों से गूंजा भूतनाथ मंदिर, महाकाल के अलौकिक श्रृंगार ने मोहा श्रद्धालुओं का मन, मुंबई से आए कलाकारों ने दी विशेष प्रस्तुति
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी, 24 अगस्त। सावन महीने की अंतिम सोमवारी पर महानगर के कालीपुर स्थित भूतनाथ मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। शिव भक्तों की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुंबई से आए ढोल-ताशा पथक की जोरदार प्रस्तुति और महाकाल का अलौकिक श्रृंगार मुख्य आकर्षण रहा। महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
मुंबई से विशेष रूप से आमंत्रित ढोल-ताशा पथक के 30 से अधिक कलाकारों ने करीब डेढ़ से दो घंटे तक प्रस्तुति दी। ढोल और ताशों की गूंज से पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो उठा। भक्ति की धुनों के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए और वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
इस अवसर पर महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया था। आकर्षक और दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। ढोल-ताशा कार्यक्रम के समापन के बाद महाकाल की विधिवत महाआरती की गई। इसके पश्चात भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। ढोल-ताशा पथक की प्रस्तुति से प्रभावित श्रद्धालुओं ने आयोजकों से भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया।
आयोजन से सक्रिय रूप से जुड़े योगेश सोनी ने बताया कि मंगलवार को शक्तिपीठ मां कामाख्या धाम और शुक्रेश्वर देवालय में भी मुंबई से आए ढोल-ताशा पथक की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। उन्होंने भूतनाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, कलाकारों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

