पूर्वोत्तर को पाठ्यपुस्तकों में स्थान देने की मांग: अरुणाचल विधायक नबाम विवेक का केंद्र से आग्रह
थर्ड आई न्यूज
नई दिल्ली/ईटानगर। दिल्ली में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ कथित नस्लीय भेदभाव की घटना के बाद नबाम विवेक ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से स्कूल पाठ्यपुस्तकों में पूर्वोत्तर राज्यों के इतिहास, संस्कृति और जनसांख्यिकीय स्वरूप पर समर्पित अध्याय शामिल करने की मांग की है।
विवेक ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि देश के अन्य हिस्सों में पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रति जानकारी और संवेदनशीलता का अभाव ऐसी घटनाओं को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोग बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि से भली-भांति परिचित हैं, लेकिन यह समझ अक्सर दूसरी ओर से दिखाई नहीं देती।
उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यभूमि भारत का एक बड़ा वर्ग पूर्वोत्तर की समृद्ध विरासत, परंपराओं और जनसांख्यिकीय विविधता से अनभिज्ञ है।” उनके अनुसार, इस सांस्कृतिक दूरी को पाटने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है।
विधायक ने तर्क दिया कि राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में आठों पूर्वोत्तर राज्यों पर व्यापक अध्याय शामिल किए जाने से बचपन से ही पारस्परिक सम्मान, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को बढ़ावा मिलेगा। इससे नस्लीय पूर्वाग्रह और भेदभाव की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर भारत की राष्ट्रीय पहचान का एक विशिष्ट और जीवंत हिस्सा है। यहां की स्वदेशी परंपराएं, भाषाएं, सामाजिक रीति-रिवाज और ऐतिहासिक विरासत शैक्षिक विमर्श में समान प्रतिनिधित्व की हकदार हैं।
इस बीच, पेमा खांडू ने भी दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में अरुणाचल की तीन महिलाओं के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने स्वयं दिल्ली पुलिस आयुक्त से बातचीत कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
पुलिस के अनुसार, मालवीय नगर थाने में दो स्थानीय निवासियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 (महिला की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से शब्द, संकेत या कृत्य), धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), धारा 196 (धर्म, नस्ल या जन्मस्थान के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत दर्ज की गई है।
आरोपियों की पहचान हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन के रूप में हुई है, जो मालवीय नगर के निवासी बताए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी को दोपहर लगभग 3:30 बजे यह घटना उस समय हुई जब तीनों महिलाएं अपने किराए के फ्लैट में विद्युत स्थापना कार्य की निगरानी कर रही थीं। ड्रिलिंग के दौरान उठी धूल नीचे के फ्लैट में जाने से पड़ोसियों के साथ विवाद हुआ। महिलाओं ने नस्लीय टिप्पणी, मानसिक उत्पीड़न और अपमान का आरोप लगाया है। हालांकि, किसी शारीरिक चोट की सूचना नहीं है।


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