होजाई में धूमधाम से मनाया गया गणगौर महोत्सव, विसर्जन के साथ 18 दिवसीय व्रत का समापन
थर्ड आई न्यूज
होजाई से रमेश मुंदड़ा
राजस्थानी लोक संस्कृति और आस्था का प्रतीक गणगौर पर्व होजाई में श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रंगों के साथ संपन्न हुआ। होलिका दहन के दूसरे दिन से प्रारंभ हुए इस 18 दिवसीय व्रत का आज विधि-विधान के साथ विसर्जन कर समापन किया गया।
सुबह से ही नवविवाहिताओं और कुंवारी कन्याओं ने घरों तथा स्थानीय श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में ईसर (भगवान शिव) और गणगौर (माता पार्वती) की पूजा-अर्चना की। पारंपरिक राजस्थानी लोकगीतों की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, जिससे मरुस्थलीय संस्कृति की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
महिलाओं ने घरों में विशेष प्रसाद अर्पित किया, जिसे सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। दोपहर तक मंदिर परिसर में रंग-बिरंगे परिधानों से सजी गणगौर माता की प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
सायंकाल श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो शिवबाड़ी घाट तक पहुंची। वहां पवित्र जल में विधिपूर्वक गणगौर माता का विसर्जन कर पूजा का समापन किया गया। कई श्रद्धालु महिलाओं ने अपने घरों में भी जलपात्रों में विसर्जन कर भावभीनी विदाई दी।
यह पर्व न केवल दांपत्य सुख और समृद्धि की कामना का प्रतीक है, बल्कि होजाई जैसे क्षेत्र में राजस्थानी परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। स्थानीय महिलाओं के अनुसार, गणगौर पूजन उनके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लेकर आता है।


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