alt="Header Advertisement" class="header-ad-image">     

नई चुनौतियों के बीच असम के 20 से अधिक स्थानों पर मॉक ड्रिल: गृह मंत्रालय ने बढ़ाई चौकसी

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर पूरे देश में एक व्यापक नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है, जिसमें असम के 20 से अधिक प्रमुख स्थानों पर यह अभ्यास बुधवार, 7 मई को किया जाएगा।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखना और नागरिक सुरक्षा ढांचे में मौजूद खामियों की पहचान करना है। असम में यह अभ्यास जिन स्थानों पर होगा, उनमें शामिल हैं — बोंगाईगांव, डिब्रूगढ़, धुबड़ी, ग्वालपाड़ा, जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया, तेजपुर, डिगबोई, दुलियाजान, गुवाहाटी (दिसपुर), रंगिया, नामरूप, नजीरा, उत्तर लखीमपुर और नुमालीगढ़ (श्रेणी-II)। इसके अलावा दरंग, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग और कोकराझार (श्रेणी-III) में भी यह मॉक ड्रिल आयोजित होगी।

यह अभ्यास देशभर के 35 राज्यों के 244 जिलों में किया जा रहा है, जिसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और समस्त आठ पूर्वोत्तर राज्य शामिल हैं। यह कवायद 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई सुरक्षा समीक्षाओं की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास नागरिक सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक अधिकारी ने मीडिया को बताया, “तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। जहां खामियां मिली हैं, उन्हें सुधारने की दिशा में कार्रवाई होगी।”

अभ्यास के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं:

एयर रेड चेतावनी प्रणाली का परीक्षण

नागरिक सुरक्षा समन्वय का अभ्यास

ब्लैकआउट का पूर्वाभ्यास, विशेषकर सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में

एक नागरिक सुरक्षा अधिकारी ने बताया, “आपात स्थिति में नागरिकों को सतर्क करने के लिए यह पहली चेतावनी होती है। एयरफोर्स चेतावनी देती है और प्रत्येक जिले को सुनिश्चित करना होता है कि उसकी एयर रेड सायरन प्रणाली सुचारु रूप से कार्य कर रही है।”

गृह मंत्रालय ने अपने निर्देश में इस तरह की कवायदों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि “वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य” से उत्पन्न “नई और जटिल चुनौतियों” के मद्देनज़र यह अभ्यास बेहद जरूरी हो गया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और गुजरात जैसे सीमावर्ती राज्य भी इस राष्ट्रव्यापी ड्रिल में हिस्सा लेंगे।

असम सहित सभी भागीदार राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि इस अभ्यास के जरिए देश की आपातकालीन तैयारियों की सटीक जांच की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *