टैक्स बार एसोसिएशन की अप्रत्यक्ष कर समिति ने राज्य कर आयुक्त से भेंट कर सौंपा ज्ञापन
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी। टैक्स बार एसोसिएशन की अप्रत्यक्ष कर समिति ने करदाताओं को GSTR-3B रिटर्न की तालिका 4D(2) के अंतर्गत विगत वर्षों के अघोषित अथवा अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की जानकारी देने हेतु हाल ही में राज्य कर विभाग द्वारा भेजे गए ईमेल परामर्शों के संदर्भ में असम के प्रधान राज्य कर आयुक्त जीतू दौलै से मुलाकात की और एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया।
बैठक के दौरान समिति ने प्रमुख रूप से यह मुद्दा उठाया कि—
• पुराने वर्षों के इनपुट टैक्स क्रेडिट रिवर्सल का जीएसटी कानून में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
• केंद्र सरकार द्वारा जारी सर्कुलर नंबर 170 के अनुसार केवल वर्तमान कर अवधि से संबंधित अपात्र ITC का ही उल्लेख किया जाना चाहिए।
• पूर्ववर्ती अवधियों के ITC की रिपोर्टिंग से करदाताओं के रिटर्न डेटा में विसंगतियां उत्पन्न हो सकती हैं तथा वास्तविक कर स्थिति विकृत रूप में प्रदर्शित हो सकती है।
• जीएसटी अधिनियम की धारा 16(4) के तहत पुराने इनपुट क्रेडिट का अब लाभ नहीं लिया जा सकता है।
• करदाताओं में यह आशंका भी है कि यदि वे रिटर्न में इस प्रकार के आंकड़े प्रस्तुत करते हैं तो इसे अयोग्य क्रेडिट या स्व-घोषित उलटफेर की स्वीकृति के रूप में देखा जा सकता है, जिससे उनके इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में गड़बड़ियां आ सकती हैं तथा भविष्य में अनावश्यक ऑडिट प्रश्न या नोटिस जारी हो सकते हैं।
इस अवसर पर समिति की ओर से सीए मनोज नाहटा ने बताया कि जीएसटी रिटर्न प्रणाली स्व-मूल्यांकन आधारित है और प्रत्येक प्रविष्टि का कानूनी महत्व होता है। उन्होंने कहा कि व्यापार एवं उद्योग जगत सीजीएसटी/एसजीएसटी कानून और सीबीआईसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने के पक्षधर हैं। अतः विभाग से अनुरोध किया गया कि वह इस विषय पर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे, ताकि एकरूपता बनी रहे और भविष्य में किसी प्रकार की अनुपालन त्रुटि या विवाद उत्पन्न न हो।
प्रधान आयुक्त जीतू दौलै ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना, विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा की और आवश्यक विचार-विमर्श के बाद उचित निर्णय का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष सीए पंकज खंडेलिया, सचिव सीएस चंद्रशेखर शर्मा, अप्रत्यक्ष कर समिति के अध्यक्ष सीए मनोज नाहटा, कार्यकारी समिति के सदस्य एडवोकेट भरत पुरोहित, तथा सदस्य सीए विवेक जैन एवं सीए मुकेश अग्रवाल शामिल थे।
इस संबंध में जानकारी टैक्स बार एसोसिएशन के सचिव सीएस चंद्रशेखर शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।

