2026 चुनाव की तैयारी में असम की राजनीति गरमाई: भाजपा के सामने संयुक्त मोर्चा बनाने की तैयारी में विपक्ष
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी I असम में विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। राज्य में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले एक संयुक्त विपक्षी मोर्चा के गठन की योजना जनवरी के पहले पखवाड़े में आकार ले सकती है।
शुक्रवार को कांग्रेस ने गुवाहाटी के पंजाबीरी स्थित एक स्थल पर नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ अहम चर्चा की। इस बैठक में असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया के अलावा प्रख्यात बुद्धिजीवी डॉ. हीरेन गोहाईं, परेश मलाकर, अब्दुल मन्नान, सांसद अजीत भुइयां और शांतनु भट्टाचार्य शामिल हुए।
बैठक के दौरान इस बात पर मंथन किया गया कि किस तरह विपक्ष को और मज़बूत किया जाए तथा अलग-अलग राजनीतिक दल भाजपा को चुनौती देने के लिए आपसी सहयोग कैसे बढ़ा सकते हैं। बैठक के बाद रायजोर दल के प्रमुख और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई तथा असम जातीय परिषद (AJP) के अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई के साथ भी बातचीत की गई, ताकि उनके विचार और सुझाव लिए जा सकें।
इस बीच, असम कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की आगामी बैठक में भी चर्चा हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूद सभी लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि 2026 के असम विधानसभा चुनाव में भाजपा का सामना करने के लिए विपक्षी गठबंधन बेहद ज़रूरी है।
उधर, असम भाजपा ने भी शुक्रवार को गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में अपनी दो दिवसीय राज्य कार्यकारिणी बैठक के पहले दिन की शुरुआत की। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में राज्य की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक मुद्दों और 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई। प्रमुख प्रस्तावों में एक सुरक्षित, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में असम की भूमिका को मज़बूत करना, अवैध प्रवासन की समस्या, भूमि अधिकारों का समाधान, छह समुदायों को जनजातीय दर्जा देने का मुद्दा तथा अन्य समुदायों के साथ न्याय सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल रहे।
इसके अलावा, नेताओं ने असम समझौते की धारा 6 को लागू करने और कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे कथित झूठे नैरेटिव का मुकाबला करने पर भी ज़ोर दिया।

