दावोस से हिमंत विश्व शर्मा का बड़ा बयान: ‘असम ने अब अपनी पहचान बना ली है’
थर्ड आई न्यूज
दावोस। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने 20 जनवरी को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है, और इस विकास यात्रा का असम एक बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है।
विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दावोस सम्मेलन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ताज़ा आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि असम आज देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन चुका है।
उन्होंने कहा कि हाइड्रोकार्बन क्षेत्र असम की अर्थव्यवस्था की पारंपरिक ताकत रहा है, वहीं राज्य अब ग्रीन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। निरंतर बुनियादी ढांचे का विस्तार, दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ बेहतर कनेक्टिविटी, और निवेशक-अनुकूल सुधारों ने असम को पूर्वोत्तर का एक प्रमुख विकास इंजन बना दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “असम ने अब अपनी पहचान बना ली है”, और वैश्विक निवेशकों, उद्योग जगत के नेताओं व अंतरराष्ट्रीय हितधारकों से राज्य को अपार अवसरों और दीर्घकालिक संभावनाओं वाले गंतव्य के रूप में देखने का आह्वान किया। उन्होंने संतुलित, सतत और समावेशी विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इस दौरान दावोस में असम की सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने की पहल भी चर्चा में रही। मुख्यमंत्री हिमंत ने टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से मुलाकात कर इस क्षेत्र में सहयोग पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि टाटा समूह की मौजूदगी से असम की चिप निर्माण संबंधी महत्वाकांक्षाओं को गति मिली है और सरकार वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ मिलकर इस इकोसिस्टम को और मजबूत करना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष असम पहली बार विश्व आर्थिक मंच में भाग ले रहा है और यहां राज्य को लेकर वैश्विक स्तर पर रुचि बढ़ी है। उन्होंने कहा कि टाटा समूह के साथ जुड़ाव के कारण असम में सेमीकंडक्टर उद्योग का आधार धीरे-धीरे तैयार हो रहा है, जिससे आने वाले समय में निवेश और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।

