असम का सियासी मिज़ाज: हिंदू मतदाता बीजेपी के साथ, मुस्लिम मतदाता कांग्रेस के पक्ष में – सर्वे
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी I अगर आज असम विधानसभा चुनाव होते हैं, तो राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन एक बार फिर स्पष्ट बढ़त के साथ सत्ता में लौट सकता है, जबकि कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल बनी रहेगी। यह खुलासा इंडिया टुडे–सी वोटर ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MoTN) सर्वे, जनवरी 2026 में किए गए सर्वेक्षण में हुआ है।
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहे असम में चुनावी माहौल मुख्यतः दो राष्ट्रीय दलों—बीजेपी और कांग्रेस—के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ नजर आ रहा है। छोटे और क्षेत्रीय दलों के लिए इस बार भी सीमित अवसर दिखाई दे रहे हैं।
सर्वे के अनुसार, यदि आज चुनाव होते हैं तो बीजेपी-नेतृत्व वाला गठबंधन (BJP+) को 50.2 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, जबकि कांग्रेस को 44 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। अन्य सभी दलों को मिलाकर केवल 5.8 प्रतिशत वोट शेयर रह सकता है। इससे स्पष्ट है कि बीजेपी गठबंधन राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभर सकती है।
धार्मिक आधार पर देखें तो हिंदू मतदाताओं में बीजेपी को भारी समर्थन मिल रहा है। सर्वे के मुताबिक, 67.1 प्रतिशत हिंदू मतदाता बीजेपी गठबंधन को वोट देना चाहते हैं, जबकि कांग्रेस इस वर्ग में काफी पीछे है। छोटे दलों को हिंदू मतदाताओं में केवल 8.2 प्रतिशत समर्थन मिला है।
वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम मतदाताओं में कांग्रेस का दबदबा बना हुआ है। सर्वे में 78.5 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में झुकाव दिखाया है, जबकि बीजेपी गठबंधन को इस वर्ग में केवल 18.5 प्रतिशत समर्थन मिला है। अन्य दलों को यहां मात्र 3 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।
‘अन्य’ श्रेणी (जिसमें छोटे धार्मिक और सामाजिक समूह शामिल हैं) में भी बीजेपी गठबंधन आगे है, जहां उसे 57.7 प्रतिशत समर्थन मिला है। कांग्रेस इस वर्ग में पीछे है और अन्य दलों को केवल 2.9 प्रतिशत समर्थन प्राप्त है।
सर्वे यह भी दर्शाता है कि असम की राजनीति में छोटे और क्षेत्रीय दलों की भूमिका लगातार कमजोर होती जा रही है। कुल मिलाकर, मतदाता अब मुख्य रूप से बीजेपी गठबंधन और कांग्रेस के बीच ही विकल्प चुनते नजर आ रहे हैं।
हालांकि बीजेपी को कुल वोट शेयर में बढ़त मिलती दिख रही है, लेकिन मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस की पकड़ मजबूत बनी हुई है, जिससे इन सीटों पर मुकाबला कड़ा रहने की संभावना है।

