सेवा और समर्पण की नई जिम्मेदारी: असम धर्मशाला के अध्यक्ष बने सुशील गोयल
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी, 10 मई। समाज सेवा, धार्मिक गतिविधियों और मानवीय सहयोग की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महानगर की प्रतिष्ठित संस्था असम धर्मशाला ने आगामी तीन वर्षीय कार्यकाल (2026-2029) के लिए नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। संस्था की महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से समाजसेवी सुशील गोयल को अध्यक्ष निर्वाचित किया गया, जबकि संगठनात्मक अनुभव और सक्रिय कार्यशैली को देखते हुए शंकर बिड़ला को पुनः सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
नई जिम्मेदारी संभालते ही अध्यक्ष सुशील गोयल और सचिव शंकर बिड़ला ने संस्था की सेवा परंपरा को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दो-तीन दिनों में पूरी कार्यकारिणी का विस्तार कर सेवाभावी और ऊर्जावान सदस्यों को जोड़ा जाएगा, ताकि संस्था की गतिविधियों को नई गति मिल सके।
असम धर्मशाला लंबे समय से समाज सेवा और धार्मिक आयोजनों का महत्वपूर्ण केंद्र रही है। संस्था का सबसे प्रमुख सेवा कार्य बिहार के हरखाड़ (गुढियारी) में सावन माह के दौरान आयोजित होने वाला नि:शुल्क सेवा शिविर है, जो वर्ष 2000 से निरंतर संचालित हो रहा है। सुल्तानगंज से देवघर तक पैदल जल लेकर जाने वाले लाखों कांवड़ियों के लिए यह शिविर राहत, सेवा और श्रद्धा का प्रतीक बन चुका है। यहां श्रद्धालुओं के लिए विश्राम, नींबू चाय, नींबू पानी, प्राथमिक चिकित्सा और मालिश जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
नई कार्यकारिणी ने संकल्प लिया है कि इस वर्ष इस सेवा शिविर को और अधिक व्यवस्थित, सुविधायुक्त और भव्य रूप दिया जाएगा, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सेवा मिल सके।
संस्था से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों और समाज के गणमान्य लोगों ने विश्वास जताया कि सुशील गोयल के नेतृत्व और शंकर बिड़ला के संगठनात्मक अनुभव के साथ असम धर्मशाला का नया कार्यकाल सेवा, संस्कार और सामाजिक समर्पण की नई मिसाल कायम करेगा।
समाज के विभिन्न वर्गों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि संस्था आने वाले वर्षों में भी मानव सेवा की अपनी गौरवशाली परंपरा को उसी निष्ठा और संवेदना के साथ आगे बढ़ाती रहेगी।

