असम विधानसभा में छह महत्वपूर्ण विधेयक पेश, कारोबार, पर्यटन और शहरी विकास को मिलेगा बढ़ावा

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी, 9 जुलाई। असम सरकार ने गुरुवार को विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन कारोबार को सुगम बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, शहरी विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने से जुड़े छह महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए। सरकार का कहना है कि इन विधेयकों से राज्य में उद्योग, पर्यटन और आधारभूत विकास को नई गति मिलेगी।

सबसे प्रमुख असम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (स्थापना एवं संचालन सुविधा) विधेयक, 2026 है। इसके तहत गैर-प्रदूषणकारी क्षेत्रों में कार्यरत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पहले तीन वर्षों तक पूर्व सरकारी अनुमति के बिना अपना उद्योग स्थापित और संचालित कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने इसे छोटे उद्यमियों के लिए बड़ी राहत बताते हुए कहा कि इससे नए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया सरल होगी।

इसके साथ ही असम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश किया गया, जिसका उद्देश्य सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली को और मजबूत बनाना तथा उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए मंजूरी की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है। सरकार के अनुसार, इससे निवेश का माहौल बेहतर होगा और प्रशासनिक विलंब कम होगा।

पर्यटन क्षेत्र के लिए सरकार ने असम पर्यटन (विकास एवं पंजीकरण) (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इसके तहत होटल, होमस्टे और अन्य पर्यटन प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के लिए नई नियामक व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है। साथ ही, औपनिवेशिक काल के सराय अधिनियम (Sarais Act) को समाप्त कर उसके आवश्यक प्रावधानों को नए कानून में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे पर्यटन क्षेत्र के लिए आधुनिक और व्यापक कानूनी ढांचा तैयार होगा।

सरकार ने असम जन विश्वास विधेयक, 2026 भी पेश किया, जिसमें नगर एवं ग्राम नियोजन तथा भूमि पुनर्वर्गीकरण से संबंधित प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव है। इसके अलावा राज्य में सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स खोलने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा। नए प्रावधानों के अनुसार, इसके लिए अब राज्य सरकार की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी और लाइसेंस जारी करने का अधिकार संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त असम दुकान एवं प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य के कानून को केंद्र सरकार के संबंधित कानूनों के अनुरूप बनाना और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नियमन में एकरूपता लाना है।

वहीं, गुवाहाटी सैटेलाइट सिटी विकास प्राधिकरण विधेयक, 2026 के माध्यम से गुवाहाटी के आसपास प्रस्तावित सैटेलाइट सिटी के नियोजन और विकास के लिए एक वैधानिक प्राधिकरण गठित करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस परियोजना को निजी निवेशकों को नहीं सौंपा जा रहा है, बल्कि इसका विकास पूरी तरह सरकारी ढांचे के तहत किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इन सभी विधेयकों को 5 जुलाई को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद बजट सत्र में पेश किया गया। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से असम में निवेश, रोजगार, पर्यटन और शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।

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