चराइदेव के सुदूर बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंची रोटरी लुइट की राहत, जरूरतमंद परिवारों में बांटी आवश्यक सामग्री
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी, 3 अगस्त। असम में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए चलाए जा रहे मानवीय अभियान के तहत रोटरी क्लब ऑफ गुवाहाटी लुइट ने चराइदेव जिले के दूरस्थ एवं सर्वाधिक प्रभावित गांवों में राहत सामग्री वितरित की। क्लब की अध्यक्ष स्वास्तिका जैन के नेतृत्व में पहुंची टीम ने उन इलाकों का दौरा किया, जहां अब तक राहत सहायता सीमित मात्रा में ही पहुंच सकी है।
राहत दल ने लकवा क्षेत्र के सुमोनी गांव, कुकुराचुवा, मायाबेला तथा नाजिरा के दुवाराह गांव का दौरा किया। इन क्षेत्रों में बाढ़ का असर अब भी बना हुआ है। कई स्थानों से पानी उतर चुका है, लेकिन अनेक गांव अभी भी जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं और प्रभावित परिवार सामान्य जीवन की ओर लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान क्लब की टीम ने पाया कि लोगों ने केवल अपने घर और आजीविका ही नहीं गंवाई है, बल्कि वे मानसिक रूप से भी गहरे आघात से गुजर रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि वे आज भी इस आशंका से रातभर चैन की नींद नहीं सो पाते कि कहीं बाढ़ का पानी दोबारा उनके घरों में न घुस आए।
रोटरी क्लब ऑफ गुवाहाटी लुइट ने प्रभावित परिवारों के बीच फिनाइल, ब्लीचिंग पाउडर, लड़कों के लिए टी-शर्ट एवं हाफ पैंट, महिलाओं के अंतःवस्त्र, सैनिटरी नैपकिन, स्टील की प्लेटें, बिस्कुट तथा चिउड़ा (पोहा) सहित आवश्यक राहत सामग्री वितरित की। क्लब ने इन सभी सामग्रियों की व्यवस्था स्वयं की, ताकि प्रभावित परिवारों की स्वास्थ्य, स्वच्छता और दैनिक जरूरतों को पूरा किया जा सके।
इस राहत अभियान को बहुबली एग्स के आकाश गोगोई, सिम्बायोटिक फार्म्स के मनोज बसुमातारी तथा असम एसोसिएशन, गुरुग्राम के सदस्यों का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। उनके सहयोग से राहत सामग्री सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंचाना संभव हो सका।
इस अवसर पर क्लब के सदस्यों ने कहा कि रोटरी क्लब ऑफ गुवाहाटी लुइट हर संकट की घड़ी में समाज के साथ मजबूती से खड़ा रहने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि वास्तविक सेवा केवल राहत सामग्री वितरित करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि उन लोगों तक पहुंचने में है जो अक्सर सहायता से वंचित रह जाते हैं। ऐसे लोगों तक आशा, संवेदना और संबल पहुंचाना ही मानव सेवा का सबसे बड़ा उद्देश्य है।
क्लब ने भविष्य में भी विभिन्न सामाजिक संगठनों और सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर बाढ़ राहत एवं पुनर्वास कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।

