‘तेजस्विता’ में गूंजा नारी शक्ति और स्वाभिमान का स्वर, 20 शाखाओं की 300 से अधिक महिलाएं जुटीं
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी, 8 अगस्त। नारी शक्ति, नेतृत्व और सामाजिक भागीदारी को नई दिशा देने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रथम महिला अधिवेशन ‘तेजस्विता’ का शनिवार को छत्रीबाड़ी स्थित असम माहेश्वरी भवन में भव्य शुभारंभ हुआ। मारवाड़ी सम्मेलन गुवाहाटी महिला शाखा के आतिथ्य और मानिकचंद ज्वैलर्स के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अधिवेशन में पूर्वोत्तर की 20 महिला शाखाओं से 300 से अधिक महिलाएं भाग ले रही हैं।
अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गोयनका ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि मारवाड़ी केवल एक नाम नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार और स्वाभिमान की पहचान है। समाज ने मेहनत, ईमानदारी और उद्यमशीलता के बल पर देशभर में अपनी पहचान बनाई है। बदलते समय के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों को सहेजकर रखना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के इतिहास में पहली बार आयोजित महिला अधिवेशन को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि महिलाओं की प्रतिभा, क्षमता और नेतृत्व को आगे लाने के लिए ऐसे मंचों की आवश्यकता है। उन्होंने बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए गुवाहाटी महिला शाखा को आयोजन के लिए बधाई दी।
अधिवेशन के पहले दिन नारी सशक्तिकरण पर आयोजित विशेष सत्र आकर्षण का केंद्र रहा। सूरत से आईं कैप्टन मीरा सिद्धार्थ दवे ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिला मातृत्व, नेतृत्व और कर्तृत्व की मूरत है। समय और परिस्थिति आने पर वही महिला कठिन से कठिन जिम्मेदारी भी संभाल सकती है। उन्होंने अपने सैन्य प्रशिक्षण के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन हाथों ने चूड़ियां पहनना सीखा है, उन्हीं हाथों ने जरूरत पड़ने पर रॉकेट लॉन्चर और एके-47 भी संभाली है। उनके साथ संवाद के दौरान महिलाओं ने कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री बसंत सुराणा ने समाज में बढ़ते प्री-वेडिंग शूट और उससे जुड़ी प्रवृत्तियों पर चिंता व्यक्त करते हुए नई पीढ़ी को सामाजिक परंपराओं और मर्यादाओं से जोड़ने की आवश्यकता बताई। विशिष्ट अतिथि अरुणा सरावगी ने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। खुशबू दमानी ने महिलाओं को अपने सपनों को लक्ष्य में बदलने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इससे पहले अधिवेशन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। असम में हाल की बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। गुवाहाटी महिला शाखा की अध्यक्ष संतोष शर्मा ने देश के विभिन्न हिस्सों और पूर्वोत्तर की शाखाओं से पहुंचीं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय संगठन मंत्री बसंत सुराणा, प्रांतीय उपाध्यक्ष (मुख्यालय) विनोद लोहिया, प्रांतीय महामंत्री रमेश चांडक, मंडलीय उपाध्यक्ष सुशील गोयल, स्वागत अध्यक्ष सरोज मित्तल सहित सम्मेलन के कई पदाधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर ‘तेजस्विता’ गीत और ‘सुबोधनी’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
दो दिवसीय अधिवेशन का समापन रविवार को होगा। दूसरे दिन महिला जागरूकता, व्यक्तित्व विकास और सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। समापन समारोह में पूर्व सांसद क्वीन ओझा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष जूरी शर्मा बोरदोलोई और सीए रागिनी गोयल सहित कई अतिथि शामिल होंगे।

