नीलकंठ कांवड़ संघ के 140 श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम रवाना, 14 अगस्त को करेंगे जलाभिषेक
गुवाहाटी, 8 अगस्त। बाबा बैद्यनाथ के जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच नीलकंठ कांवड़ संघ, ग्रुप नंबर-2 के लगभग 140 श्रद्धालु एवं कांवड़ यात्री शनिवार को ब्रह्मपुत्र मेल से बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना हुए। कांवड़ियों का दल 14 अगस्त को बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करेगा।
नीलकंठ कांवड़ संघ की यह धार्मिक यात्रा वर्ष 1998 से निरंतर आयोजित की जा रही है। करीब तीन दशकों में यह यात्रा आस्था के साथ आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता की परंपरा से भी जुड़ गई है। इस वर्ष यात्रा का संचालन संघ प्रमुख मुरारीलाल चौपदार के नेतृत्व तथा गणेशमल नाहटा, शंकर बिड़ला और संजीत धूत के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
संघ के सदस्यों के अनुसार यात्रा का प्रमुख उद्देश्य पवित्र कांवड़ जल से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है। 14 अगस्त को होने वाले जलाभिषेक को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
नीलकंठ कांवड़ संघ की यात्रा की एक खास परंपरा देश के अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन से भी जुड़ी रही है। पिछले वर्षों में संघ के माध्यम से कांवड़ यात्रियों को अयोध्या, काशी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए गए हैं। बाबा बैद्यनाथ की यात्रा से पहले अथवा उसके बाद किसी अन्य प्रमुख तीर्थस्थल के दर्शन को संघ ने अपनी धार्मिक यात्रा का हिस्सा बनाया है।
इसी परंपरा के तहत इस वर्ष 14 अगस्त को बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने के बाद 15 अगस्त को श्रद्धालुओं का दल देवघर से जगन्नाथ धाम, पुरी के लिए रवाना होगा। वहां भगवान जगन्नाथ के दर्शन एवं पूजन के बाद दल वापसी की यात्रा शुरू करेगा।
कार्यक्रम के अनुसार नीलकंठ कांवड़ संघ के सभी सदस्य 18 अगस्त को सुबह करीब 8 बजे गुवाहाटी लौटेंगे। यात्रा को लेकर संघ के सदस्यों और उनके परिजनों में उत्साह का माहौल है। बाबा बैद्यनाथ और भगवान जगन्नाथ के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने अपनी धार्मिक यात्रा प्रारंभ की।

