मारवाड़ी युवा मंच द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी आवास निर्माण का शुभारंभ, मारवाड़ी युवामंच का 100 मकानों का सपना साकार होने की दिशा में पहला कदम

थर्ड आई न्यूज़

शिवसागर । ऊपरी असम में आई विनाशकारी बाढ़ से अनेक परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। ऐसे प्रभावित परिवारों को स्थायी आश्रय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मारवाड़ी युवामंच द्वारा 100 स्थायी मकानों के निर्माण का संकल्प लिया गया है। इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में बुधवार को शिवसागर जिले के निमाईजान में एक स्थायी मकान के निर्माण हेतु भूमि पूजन एवं प्रथम खुटा रोपण के साथ इस अभियान का शुभारंभ किया गया।

यह सेवा पहल डिब्रूगढ़ शाखा एवं झालुकापारा दुर्गा पूजा समिति की सहभागिता तथा अर्पण फाउंडेशन, अजमेर के उदार सहयोग से प्रारंभ हुई है। प्रथम चरण में 4 मकानों का निर्माण किया जा रहा है। भूमि पूजन एवं वास्तु पूजा शिवसागर के पुरोहित कैलाश जी शास्त्री द्वारा विधि-विधानपूर्वक संपन्न कराई गई।

इस अवसर पर अर्पण फाउंडेशन, अजमेर के दो प्रतिनिधियों सहित पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवामंच के प्रान्तीय अध्यक्ष राज जी चौधरी अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। राष्ट्रीय सहायक सचिव नितेश जी तथा सिमलगुड़ी शाखा के सदस्य भी इस अवसर पर निर्माण स्थल पर पहुंचे। वहीं, बाढ़ राहत कार्यों में निरंतर सक्रिय रहे सेपोन के सामाजिक कार्यकर्ता बिरेंन जी अगरवाला की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी आत्मीय एवं प्रेरणादायी बना दिया।

विशेष बात यह रही कि किसी औपचारिक उद्घाटन समारोह की योजना नहीं बनाई गई थी। इसके बावजूद सेवा कार्य की जानकारी मिलते ही साथी स्वस्फूर्त रूप से निर्माण स्थल पर पहुंचते गए और इस पुनीत अभियान का हिस्सा बने। सभी की सामूहिक उपस्थिति ने इस अवसर को भावुक, उत्साहवर्धक एवं यादगार बना दिया।

मारवाड़ी युवामंच का यह अभियान केवल मकान बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को एक सुरक्षित छत, नई शुरुआत और जीवन में नई आशा देने का संकल्प है। 100 स्थायी मकानों के निर्माण का सपना अब धरातल पर उतरने लगा है।

इस सेवा यात्रा में सहभागी बनने वाले सभी सहयोगियों, शाखाओं एवं संस्थाओं के प्रति मारवाड़ी युवामंच ने हृदय से आभार व्यक्त किया है। सामूहिक प्रयासों से यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *