ऐतिहासिक श्री पांडुनाथ देवालय में 14 सितंबर को मनेगा 33वां गणेश चतुर्थी महोत्सव, श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी, 2 सितंबर। पांडु पोर्ट रोड स्थित ऐतिहासिक श्री पांडुनाथ देवालय में 14 सितंबर को 33वां गणेश चतुर्थी महोत्सव श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। महोत्सव की तैयारियों को लेकर बुधवार को मंदिर परिसर में श्री पांडुनाथ देवालय गणेश मंदिर समिति की आम सभा आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया।
समिति के अध्यक्ष अजय पोद्दार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सचिव रवि कुंडलिया, कोषाध्यक्ष कमल सिंह गोलछा, उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष पदम सेठिया, संयुक्त सचिव प्रभु पोद्दार, कानूनी सलाहकार निशा पोद्दार, मुख्य सलाहकार निमाई चंद्र दास, मनीष अग्रवाल, किशन लाल सिंघी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में तय किया गया कि 14 सितंबर को सुबह 8.30 बजे पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव की शुरुआत होगी। सुबह 11 बजे महाआरती होगी। इस अवसर पर गणेश बाबा को विशेष रूप से तैयार पांच किलो का लड्डू केक अर्पित किया जाएगा। दोपहर 12 बजे से महाप्रसाद का वितरण शुरू होगा। समिति की ओर से 2,500 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की जा रही है।
महोत्सव को देखते हुए मंदिर परिसर में रंग-रोगन और व्यापक साफ-सफाई का काम कराया जा रहा है। विद्युत केबल, लाइट और स्विच सहित अन्य जरूरी मरम्मत भी आयोजन से पहले पूरी कर ली जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजन से जुड़े समिति सदस्य एक समान वेशभूषा में मौजूद रहेंगे।
पांडव काल से जुड़ी हैं धार्मिक मान्यताएं :
ब्रह्मपुत्र के तट पर स्थित श्री पांडुनाथ देवालय गुवाहाटी के प्राचीन धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं में इस स्थान का संबंध पांडव काल से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि वनवास के दौरान पांडव यहां आए थे। उन्होंने इस स्थान पर भगवान गणेश की पूजा की, ब्रह्मपुत्र में स्नान किया तथा भगवान विष्णु की पूजा और यज्ञ करने के बाद नीलाचल पर्वत स्थित मां कामाख्या के दर्शन के लिए प्रस्थान किया।
देवालय परिसर की एक और विशेषता चट्टानों पर उकेरी गई भगवान गणेश की छह प्रतिमाएं हैं। मुख्य गणेश मंदिर के नीचे प्राचीन शिव मंदिर स्थित है, जहां गुफानुमा मार्ग से प्रवेश किया जाता है। परिसर में भगवान विष्णु का एक प्राचीन मंदिर भी है, जिसे स्थानीय परंपरा पांडव काल से जोड़ती है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गणेश चतुर्थी महोत्सव के आयोजन के साथ श्री पांडुनाथ देवालय की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण तथा इसके महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
श्री पांडुनाथ देवालय गणेश मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और नगरवासियों से 14 सितंबर को होने वाले 33वें गणेश चतुर्थी महोत्सव में बड़ी संख्या में शामिल होकर गणेश बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है।

