तकनीकी कौशल हासिल कर आत्मनिर्भर बनें युवा : राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य

नगांव विश्वविद्यालय के ‘औद्योगिक-शैक्षणिक सम्मेलन-2026’ का समापन, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा देने पर दिया जोर

नगांव से जयप्रकाश सिंह

नगांव। नगांव विश्वविद्यालय के औषधीय विज्ञान विभाग की पहल और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय ‘औद्योगिक-शैक्षणिक सम्मेलन-2026’ का समापन असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य की उपस्थिति में हुआ। समापन समारोह में राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से तकनीकी ज्ञान और कौशल हासिल कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत को नवाचार और प्रौद्योगिकी के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इसके लिए उन्हें बदलते तकनीकी परिवेश के अनुरूप अपने कौशल को लगातार विकसित करना होगा। उन्होंने इस तरह के सम्मेलन के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल समय की आवश्यकता है।

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का स्मरण करते हुए राज्यपाल ने विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय एकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बेरोजगारी और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल तकनीक तेजी से कामकाज के तौर-तरीकों को बदल रही हैं। आने वाले समय में सेमीकंडक्टर उद्योग, ताप विद्युत परियोजनाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुशल कर्मचारियों की मांग बढ़ेगी। ऐसे में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करना होगा।

राज्यपाल ने युवाओं से वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की भी अपील की। उन्होंने असम के कृषि और चाय उद्योग जैसे संभावनाशील क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने तथा स्टार्टअप के माध्यम से स्वरोजगार अपनाने की सलाह दी। इस दौरान उन्होंने ‘असम एडवांटेज 2.0’ और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी अपने विचार रखे।

नशे के बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए राज्यपाल ने सभी नागरिकों से नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए नगांव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. हितेश डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम उद्योगों की मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर नगांव के पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित लोगों को नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई। नगांव-बटद्रवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रूपक शर्मा ने उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत के बावजूद स्नातक युवाओं के लिए रोजगार एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस समस्या के समाधान के लिए उद्योगों के विकास और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए स्थानीय युवाओं से आगे आने की अपील भी की।

नीलोत्पल महंत के संचालन में आयोजित समारोह में लोक भवन के अधिकारी, नगांव जिला प्रशासन के अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, मीडिया कर्मी, पत्रकार, विश्वविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, गैर-शिक्षण कर्मचारी तथा पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

समारोह के अंत में नगांव विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलसचिव डॉ. नवप्रसाद नाथ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के गायन के साथ दो दिवसीय सम्मेलन का समापन हुआ।

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