कामाख्या धाम में अंबुवाची मेले का समापन कल, उमड़ा आस्था का महासैलाब
थर्ड आई न्यूज़
कामख्या से राजू तिवाड़ी
असम की राजधानी गुवाहाटी के नीलाचल पहाड़ पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या धाम में वार्षिक अंबुवाची मेले के दौरान श्रद्धा और आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है। देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं, साधु-संतों, तांत्रिकों और अघोरियों की भारी भीड़ से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया है। मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर तिल रखने की भी जगह नहीं है और चारों तरफ श्रद्धालुओं का एक विशाल जनसैलाब नज़र आ रहा है।
अंबुवाची योग के दौरान मां कामाख्या के गर्भगृह के कपाट बंद रहते हैं, जिसके कारण भक्त बाहर रहकर ही भजन-कीर्तन और साधना में लीन हैं। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, फिर भी भक्तों का उत्साह और श्रद्धा इस भारी भीड़ पर भारी पड़ रही है।
कल सुबह खुलेंगे मंदिर के कपाट:
श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी और प्रतीक्षित खबर यह है कि कल सुबह (26 जून) मां कामाख्या मंदिर के कपाट विधि-विधान और विशेष पूजा-अर्चना के बाद भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने के बाद मां का विशेष ‘अंगोदक’ (पवित्र जल) और ‘रक्त वस्त्र’ प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा, जिसे पाने के लिए लाखों भक्त कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कपाट खुलने के साथ ही इस चार दिवसीय ऐतिहासिक मेले का आधिकारिक समापन होगा।

