काजीरंगा ऑर्किड पार्क के वित्तीय लेन-देन पर भाजपा ने अखिल गोगोई से मांगा जवाब, जीएसटी चोरी का लगाया आरोप
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी, 17 जुलाई। असम भाजपा ने रायजोर दल के प्रमुख एवं शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई पर काजीरंगा ऑर्किड एंड बायोडायवर्सिटी पार्क से जुड़े कथित जीएसटी (GST) चोरी के मामले को लेकर हमला तेज करते हुए उनसे स्पष्ट और सीधा जवाब मांगा है।
भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के प्रवक्ता कमल कुमार मेधी ने कहा कि वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ द्वारा विधानसभा में लगाए गए आरोपों का अखिल गोगोई ने अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया प्रेस वार्ता में गोगोई ने मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया।
भाजपा का दावा है कि काजीरंगा ऑर्किड एंड बायोडायवर्सिटी पार्क की वार्षिक आय लगभग 10 से 12 करोड़ रुपये है, जिसमें से 7 से 8 करोड़ रुपये केवल प्रवेश शुल्क से प्राप्त होते हैं। पार्टी का आरोप है कि मौजूदा जीएसटी व्यवस्था के अनुसार हर वर्ष लगभग 1.5 करोड़ रुपये जीएसटी जमा किया जाना चाहिए था, लेकिन पिछले आठ वर्षों में 12 से 15 करोड़ रुपये के जीएसटी दायित्व को छिपाया गया।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि पार्क में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से होने वाली आय का उचित उल्लेख सहकारी समिति के वार्षिक लेखे-जोखे में नहीं किया गया। साथ ही यह दावा की कि प्रवेश शुल्क से प्राप्त राशि कर्मचारियों के व्यक्तिगत बैंक खातों में जमा की जाती थी। पार्टी ने अखिल गोगोई से इन वित्तीय लेन-देन पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
कमल कुमार मेधी ने अखिल गोगोई को चुनौती देते हुए कहा कि वे पिछले आठ वर्षों में पार्क में आने वाले पर्यटकों की कुल संख्या सार्वजनिक करें तथा पार्क की दैनिक वित्तीय रिपोर्ट भी जारी करें, जो भाजपा के अनुसार नियमित रूप से उन्हें भेजी जाती थीं।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि अखिल गोगोई अब पार्क के वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी चार्टर्ड अकाउंटेंट और सदस्य सचिव पर डालने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि उनकी मंजूरी के बिना कोई भी वित्तीय लेन-देन नहीं होता था।
पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि पार्क का क्षेत्रफल स्वीकृत 26 बीघा से बढ़कर 100 बीघा से अधिक कैसे हो गया। भाजपा ने मांग की कि अखिल गोगोई अतिरिक्त भूमि के लिए धन के स्रोत का खुलासा करें या स्पष्ट करें कि यह भूमि दान में मिली थी अथवा अवैध रूप से कब्जा की गई।
भाजपा ने अखिल गोगोई के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री या कृषि मंत्री चाहें तो वे पार्क उन्हें सौंपने को तैयार हैं। पार्टी का आरोप है कि पार्क की स्थापना कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नाम पर हुई थी, लेकिन वर्तमान में इसकी संचालन समिति के 10 निदेशकों में से चार सदस्य अखिल गोगोई के परिवार से हैं।
इसके अलावा भाजपा ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा द्वारा विधानसभा में लगाए गए उस आरोप का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि चुनाव से पहले शिवसागर विधानसभा क्षेत्र के नामघरों में 1.5 लाख रुपये नकद वितरित किए गए थे।जांच हालांकि अखिल गोगोई का कहना है कि भुगतान चेक के माध्यम से किया गया था, लेकिन भाजपा ने नकद वितरण के अपने आरोप को दोहराते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
इस संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रांजल कलिता और मीडिया पैनलिस्ट कौशिक पाल उनके भी उपस्थित थे।

